प्रयागराज : साइबर अपराध गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, 500 सिम बरामद
पकड़े गए लोगों में इकबाल अहमद निवासी फूलबहेड़ लखीमपुर खीरी, कलीश अहमद निवासी लहरपुर सीतापुर और शैलेश यादव निवासी गुडम्बा लखनऊ शामिल हैं। पुलिस अफसरों ने बताया कि इकबाल वोडाफोन कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव है, जो डिस्ट्रीब्यूटरों से पांच रुपये प्रति सिम के हिसाब से सिम खरीदता था।
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जिला पुलिस ने साइबर अपराध के जरिए लोगों की कमाई पर डाका डालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसके तीन ऐसे सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो फर्जी तरीके से एक्टिवेटेड सिम पश्चिम बंगाल, गुजरात, बिहार, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली जैसे राज्यों में बैठे अपने आकाओं को देते थे। इनके कब्जे से 500 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पूछताछ में पता चला है कि अभियुक्त अब तक पांच हजार से ज्यादा प्री एक्टिवेटेड सिम साइबर अपराधियों को दे चुके हैं।
पकड़े गए लोगों में इकबाल अहमद निवासी फूलबहेड़ लखीमपुर खीरी, कलीश अहमद निवासी लहरपुर सीतापुर और शैलेश यादव निवासी गुडम्बा लखनऊ शामिल हैं। पुलिस अफसरों ने बताया कि इकबाल वोडाफोन कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव है, जो डिस्ट्रीब्यूटरों से पांच रुपये प्रति सिम के हिसाब से सिम खरीदता था।
फिर फर्जी केवाईसी के जरिए सिम एक्टिवेट कर अपने साथी कलीश को 150 रुपये प्रति सिम की दर से दे देता था। कलीश लखीमपुर निवासी अपने साथी कलीम की मदद से इन सिमों के जरिए फर्जी केवाईसी से पेटीएम अकाउंट बनाकर सिम एक अन्य अभियुक्त शैलेश को 300-350 रुपये में बेच देता था।
इसके बाद शैलेश फर्जी तरीके से पेटीएम एक्टिवेटेड इन सिमों को 700 से 750 रुपये के हिसाब से विभिन्न राज्यों में बैठकर साइबर अपराध गैंग संचालित करने वाले अपने आकाओं को कूरियर के जरिए भेज देता था। इसके बाद साइबर अपराधी इन सिमों का इस्तेमाल लोगों के खाते से रकम उड़ाने में करते थे।
साइबर गैंग सरगना राजू समेत चार वांछित
पुलिस अफसरों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में चार अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें कलीम निवासी लखीमपुर खीरी, कपिल वर्मा निवासी लहरपुर सीतापुर, राममूर्ति निवासी हरगाव, सीतापुर और राजू मंडल निवासी मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
पुलिस अफसरों का कहना है कि राजू मुर्शिदाबाद में संचालित हो रहे साइबर अपराधी गिरोह का सरगना है। उसने ही पेटीएम कंपनी में काम करने वाले शैलेश से संपर्क किया था और फिर उसका अन्य राज्यों में संचालित हो रहे गिरोह के सदस्यों से भी उसका संपर्क कराया। जिसके बाद शैलेश अपने अन्य साथियों संग मिलकर गिरोह को कूरियर से सिम भेजने लगा।
यह हुई बरामदगी
124 जाली आधार कार्ड, 393 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, 113 डिएक्टिवेटेड सिम कार्ड, फिंगर प्रिंट स्कैनर, लैपटॉप, सात मोबाइल, 24600 रुपये