फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj: There will be a magisterial inquiry into the death of Nafees Biryani, close to Ashraf

Prayagraj : अशरफ के करीबी नफीस बिरयानी की मौत की होगी मजिस्ट्रियल जांच, जेल प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट

Wed, 20 Dec 2023 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 20 Dec 2023 05:17 AM IST
सार

इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से संबंधित कोर्ट के अलावा डीएम नवनीत सिंह चहल और शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

विज्ञापन
Prayagraj: There will be a magisterial inquiry into the death of Nafees Biryani, close to Ashraf
नफीस बिरयानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया अतीक अहमद और अशरफ के करीबी नफीस बिरयानी की दिल का दौरा पड़ने से स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में हुई मौत के मामले की मजिस्ट्रियल जांच होगी। इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से संबंधित कोर्ट के अलावा डीएम नवनीत सिंह चहल और शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

विज्ञापन


माफिया अतीक अहमद और अशरफ के फाइनेंसर नफीस बिरयानी को बीते 22 नवंबर को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। उसे बीते पांच दिसंबर को केंद्रीय कारागार में निरुद्ध किया गया था। उसके बाद इसे जेल अस्पताल में ही रखा गया था। उसकी तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे 17 दिसंबर को एसआरएन में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसकी मौत के मामले में जेल प्रशासन की ओर से संबंधित कोर्ट, डीएम और शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर का कहना है कि बंदी नफीस की मौत के मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन


नफीस की मौत के बाद मोहल्ले में पसरा सन्नाटा, परिजनों ने साधी चुप्पी
अतीक अहमद के फाइनेंसर व ईट ऑन बिरयानी रेस्टोरेंट के मालिक नफीस अहमद की इलाज के दौरान मौत के बाद मंगलवार को उसके घर में मातम का माहौल है। नफीस की पत्नी व उसके तीन बेटियों का रो रोकर बुरा हाल है। इसके साथ पास-पड़ोस के गलियों में भी सन्नाटा पसरा रहा। वहीं नफीस के परिजन व करीबी रिश्तेदार भी नफीस की मौत को लेकर कुछ भी बोलने से बचते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नफीस के मौत के बाद उसे काला डांडा के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक तो कर दिया गया, लेकिन उसके साथ-साथ परिजनों की चीख-चीत्कार भी दफन हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम के दौरान उसके दो भाइयों के अलावा तीन अन्य रिश्तेदार ही वहां पहुंचे थे। उसके भाई वसीम व नसीम की आंखों के आंसू भी पलकों तक आकर सूख जा रहे थे। गले का कंठ अंदर ही अंदर आंसुओं के घूंट को पीए जा रहे थे। वह अपने भाई के मौत के दुख को भी लोगों के सामने व्यक्त नहीं करना चाह रहे थे।

बस एक कुर्सी पर दोनों भाई गमजदा होकर बैठे रहे। कोई मीडिया कर्मी कुछ भी नफीस को लेकर उनसे पूछने जाता तो कुछ बोले बिना ही वह वहां से हट जाते थे। वहीं शव के पोस्ट मार्टम हाउस से निकलने से कुछ समय पहले नफीस का एक अन्य करीबी आया उससे जब नफीस को लेकर सवाल पूछा गया तो वह उसके परिजनों के साथ होने से ही इनकार कर दिया, बताया कि वह किसी अन्य शव के इंतजार के लिए खड़ा है।


लेकिन जैसे ही नफीस का शव पोस्टमार्टम हाउस से बाहर निकला, वह व्यक्ति भी अपनी मोटर साइकिल लेकर एंबुलेंस के पीछे-पीछे चल दिया। एक समय ऐसा था कि नफीस का नाम बड़े ही सम्मान के साथ लोग लेते थे। जिले के नामी लोग उसके रेस्टोरेंट का बिरयानी खाकर बड़े ही गर्व के साथ अपने दोस्ताें व करीबियों को बताते थे। लेकिन उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब से नफीस बिरयानी की संलिप्तता की पुष्टि हुई उसके बाद से ही उसके जितने करीबी थे सभी दूरी बना लिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed