{"_id":"5c8125ddbdec22147163a002","slug":"prayagraj-then-the-commission-reached-the-cbi-team","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराजः फिर आयोग पहुंची सीबीआई टीम, मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराजः फिर आयोग पहुंची सीबीआई टीम, मचा हड़कंप
Thu, 07 Mar 2019 07:38 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 Mar 2019 07:38 PM IST
विज्ञापन
सीबीअाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई टीम बृहस्पतिवार को फिर प्रयागराज पहुंची। टीम के अचानक दोबारा आने से आयोग में हड़कंप की स्थिति है। टीम के सदस्य दिनभर आयोग में रहे और कई कर्मचारियों से पूछताछ की। उनके निशाने पर प्रमुख रूप से पीसीएस-2015 और अपर निजी सचिव (एपीएस)-2010 परीक्षा है।
सूत्रों के मुताबिक एपीएस-2010 के चयनितों की लिस्ट कई बार बदली गई और सीबीआई को भी यह शिकायत मिली है। पूर्व में भी सीबीआई को एपीएस-2010 में गड़बड़ी के कई अहम सुबूत मिल चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि एपीएस चयनितों की लिस्ट को लेकर भी सीबीआई ने आयोग कर्मियों से पूछताछ की है। वहीं, पीसीएस-2015 में स्क्रीनिंग और मॉडरेशन को लेकर फिर से दस्तावेजों की जांच पड़ताल शुरू की गई है।
हालांकि पीसीएस-2015 को लेकर सीबीआई की ओर से दर्ज की जा चुकी एफआईआर में यह स्पष्ट लिखा है कि मॉडरेशन को लेकर पीसीएस में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई। इसकी आड़ में अभ्यर्थियों के नंबरों से छेड़छाड़ की गई। ऐसे में एक बार फिर मॉडरेशन और स्क्रीनिंग को लेकर जांच तेज होने से आयोग में हड़कंप की स्थिति है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने आयोग से बड़ी मात्रा में दस्तावेज तलब किए हैं और बड़ी संख्या में कर्मचारियों को इस काम में लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक एपीएस-2010 के चयनितों की लिस्ट कई बार बदली गई और सीबीआई को भी यह शिकायत मिली है। पूर्व में भी सीबीआई को एपीएस-2010 में गड़बड़ी के कई अहम सुबूत मिल चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि एपीएस चयनितों की लिस्ट को लेकर भी सीबीआई ने आयोग कर्मियों से पूछताछ की है। वहीं, पीसीएस-2015 में स्क्रीनिंग और मॉडरेशन को लेकर फिर से दस्तावेजों की जांच पड़ताल शुरू की गई है।
विज्ञापन
हालांकि पीसीएस-2015 को लेकर सीबीआई की ओर से दर्ज की जा चुकी एफआईआर में यह स्पष्ट लिखा है कि मॉडरेशन को लेकर पीसीएस में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई। इसकी आड़ में अभ्यर्थियों के नंबरों से छेड़छाड़ की गई। ऐसे में एक बार फिर मॉडरेशन और स्क्रीनिंग को लेकर जांच तेज होने से आयोग में हड़कंप की स्थिति है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने आयोग से बड़ी मात्रा में दस्तावेज तलब किए हैं और बड़ी संख्या में कर्मचारियों को इस काम में लगाया गया है।
विज्ञापन