सोरेन की आपत्ति के बाद ट्रकों से उतारकर एसी एंबुलेंस से भेजे गए औरैया हादसे के शिकार हुए मजदूरों के शव
औरैया हादसे में मृत मजदूरों के शवों के साथ घायलों को भी ट्रकों के जरिए झारखंड व पश्चिम बंगाल के लिए रवाना कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर इसे अमानवीय बताया। जिसके बाद नवाबगंज में ट्रक से उतारकर शवों व घायल मजदूरों को एसी एंबुलेंस से आगे के भेजा गया।
16 मई को प्रदेश के औरैया में हुए भीषण सड़क हादसे में घरों को लौट रहे 26 मजदूरों की मौत हो गई थी। इनमें से 11 झारखंड व 6 पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। हादसे के अगले दिन यानी 17 मई को पोस्टमार्टम के बाद सभी 17 मजदूरों के शव ट्रकों से रवाना कर दिए गए। संवेदनहीनता दिखाते हुए जिम्मेदार अफसरों ने शवों को भेजवाने के लिए उचित इंतजाम तो नहीं ही किए, हादसे में घायल कुछ मजदूरों को भी इन्हीं शवों के साथ ट्रकों में बैठा दिया।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर शवों के साथ ट्रक में बैठे घायलों की तस्वीर वायरल हुई, जिसके बाद झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने ट्वीट कर इसे अमानवीय व संवेदनहीन बर्ताव करार दिया। इस ट्वीट की जानकारी प्रदेश सरकार को हुई तो हड़कंप मचा। आननफानन में रविवार शाम सात बजे के करीब जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर ट्रकों को रोकवाया गया। इसके बाद छह एसी एंबुलेंस का इंतजाम किया गया और फिर शवों व मजदूरों को आगे के लिए रवाना किया गया।
तीन ट्रकों में थे 17 शव
मजदूरों के 17 शव कुल तीन ट्रकों से झारखंड के बोकारो व पश्चिम बंगाल के पुरुलिया भेजे जा रहे थे। इनमें से एक ट्रक के ड्राइवर ने पूछने पर मीडिया को बताया कि भीषण गर्मी के चलते शवों से दुर्गंध उठने लगी थी। जिसके बाद घायल मजदूरों का ट्रक में बैठना भी मुश्किल था। इसके चलते ही उसने कुछ मजदूरों को आगे चालक केबिन में बैठा लिया था।
मामला दबाने की भी हुई कोशिश
जिला पुलिस प्रशासन ने इस मामले को दबाने की भी कोशिश की। घटना की जानकारी पर नवाबगंज पहुंचे मीडियाकर्मियों को पुलिस ने ट्रकों में सवार घायल मजदूरों से बात करने से रोक दिया। यही नहीं, शवों व मजदूरों को एंबुलेंस में शिफ्ट किए जाने तक करीब दो घंटे के लिए हाईवे की एक लेन पर यातायात भी रोक दिया गया था।शासन से निर्देश मिलने के बाद पहले कौशाम्बी में बर्फ का इंतजाम करके ट्रकों में रखवाया गया। इसके बाद प्रयागराज में छह एसी एंबुलेंस का इंतजाम करवाया गया और फिर शवों को इसमें रखवाया गया। साथ ही जो ड्राइवर केबिन में घायलों व उनके परिजनों को आगे के लिए रवाना किया गया। केपी सिंह, आईजी रेंज