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रेलमंत्री को भा गई प्रयागराज की ट्रैक साइकिल
Tue, 18 Aug 2020 01:20 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 18 Aug 2020 01:20 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : shutterstock
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने एक ऐसी साइकिल बनाई है जो रेलवे ट्रैक पर आसानी से चलाई जा सकती है। यह साइकिल रेलवे अफसरों ने अपने ट्रैक मैन और गैंगमैन के लिए बनाई है, ताकि उन्हें ट्रैक की निगरानी के लिए कम से कम पैदल चलना पड़े। रेलमंत्री पीयूष गोयल को भी यह साइकिल खूब भा गई है । सोमवार की रात उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह साइकिल ट्रैकमैन को राहत देगी।
दरअसल, रेलवे ट्रैक के रखरखाव के लिए ट्रैक मैन और गैंगमैन भारी-भरकम झोला लेकर चलते हैं। दिन भर में उन्हें कई किलोमीटर पैदल ही सफर तय करना पड़ता है। ट्रैक मैन की इस परेशानी को देखते हुए प्रयागराज मंडल के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ की कार्यशाला में एक ट्रैक साइकिल बनाई गई। डीआरएम अमिताभ ने साइकिल बनाने वाले इंजीनियरों की तारीफ की और उन्हें पुरस्कृत भी किया।
साइकिल की खास बात है कि इसे एक साथ दो लोग चला सकते हैं। कुल 4 में से इस साइकिल के दो-दो पहिए ट्रैक में रहते हैं। अमूमन ट्रैक मैन की पैदल निरीक्षण करने के दौरान 5 किलोमीटर की दूरी तय करने में 1 घंटे का वक्त लगता है लेकिन अब इस साइकिल के माध्यम से वह यह दूरी 20 से 25 मिनट में ही तय कर सकेंगे। रेलवे द्वारा बनाई गई इस साइकिल की कीमत 3000 है और इसका वजन भी मात्र 25 किलो है। ट्रैक मैन चाहे तो इसे अकेले भी चला सकता है और ट्रैक पर ट्रेन आने के दौरान उसे आसानी से उठाकर किनारे भी रख सकता है।
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दरअसल, रेलवे ट्रैक के रखरखाव के लिए ट्रैक मैन और गैंगमैन भारी-भरकम झोला लेकर चलते हैं। दिन भर में उन्हें कई किलोमीटर पैदल ही सफर तय करना पड़ता है। ट्रैक मैन की इस परेशानी को देखते हुए प्रयागराज मंडल के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ की कार्यशाला में एक ट्रैक साइकिल बनाई गई। डीआरएम अमिताभ ने साइकिल बनाने वाले इंजीनियरों की तारीफ की और उन्हें पुरस्कृत भी किया।
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साइकिल की खास बात है कि इसे एक साथ दो लोग चला सकते हैं। कुल 4 में से इस साइकिल के दो-दो पहिए ट्रैक में रहते हैं। अमूमन ट्रैक मैन की पैदल निरीक्षण करने के दौरान 5 किलोमीटर की दूरी तय करने में 1 घंटे का वक्त लगता है लेकिन अब इस साइकिल के माध्यम से वह यह दूरी 20 से 25 मिनट में ही तय कर सकेंगे। रेलवे द्वारा बनाई गई इस साइकिल की कीमत 3000 है और इसका वजन भी मात्र 25 किलो है। ट्रैक मैन चाहे तो इसे अकेले भी चला सकता है और ट्रैक पर ट्रेन आने के दौरान उसे आसानी से उठाकर किनारे भी रख सकता है।
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