फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj News Rejecting an insurance claim on the grounds of delay in filing an FIR is incorrect: Commission

Prayagraj News : एफआईआर में देरी के आधार पर बीमा के दावे को खारिज करना गलत : आयोग

Wed, 22 Jul 2026 04:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 22 Jul 2026 04:34 PM IST
सार

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज कराने में देरी के आधार पर बीमा के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
Prayagraj News Rejecting an insurance claim on the grounds of delay in filing an FIR is incorrect: Commission
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज कराने में देरी के आधार पर बीमा के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। बाइक चोरी के मामले में इंश्योरेंस कंपनी बीमाधारक को बीमा राशि ब्याज सहित अदा करे। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम और सदस्य सरला की पीठ ने अरुण कुमार द्विवेदी की ओर से दायर परिवाद पर दिया।

विज्ञापन


करछना के धरवारा (हनुमानपुर) निवासी अरुण कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया था कि उनकी बाइक 17 जुलाई 2014 को करछना तहसील परिसर से चोरी हो गई थी। एफआईआर दर्ज कराने के बाद पुलिस ने जांच की पर वाहन नहीं मिला। अंतिम रिपोर्ट न्यायालय की ओर से स्वीकार किए जाने के बाद उन्होंने बीमा कंपनी के समक्ष दस्तावेज और वाहन की चाबी जमा कर दावा प्रस्तुत किया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
विज्ञापन


बीमा कंपनी ने आयोग में दलील दी कि चोरी की रिपोर्ट दो दिन बाद दर्ज कराई गई थी। इसलिए दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह भी कहा कि कुछ आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के गुरशिंदर सिंह बनाम श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और अशोक कुमार बनाम न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के निर्णयों का हवाला दिया। कहा कि जब चोरी की घटना वास्तविक हो, एफआईआर दर्ज हो, पुलिस की अंतिम रिपोर्ट न्यायालय से स्वीकार हो चुकी हो और चोरी का दावा सही पाया गया हो तो केवल सूचना या एफआईआर में देरी के आधार पर बीमा दावा अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोग ने कहा कि बाइक का बीमित घोषित मूल्य 28 हजार रुपये था। बीमा कंपनी के दिशानिर्देशों के अनुसार याची को आईडीवी का 75 प्रतिशत यानी 21 हजार रुपये, परिवाद दाखिल करने की तिथि से अंतिम भुगतान तक आठ प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया गया। साथ ही 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद व्यय भी दो माह के भीतर भुगतान करने को कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed