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Prayagraj News : बाढ़ राहत के लिए पुलिस सतर्क, बनाई गईं 88 चौकियां, NDRF और SDRF तैनात

Sun, 03 Aug 2025 05:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 03 Aug 2025 05:35 PM IST
सार

जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए 88 बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।

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Prayagraj News: Police alert for flood relief, 88 posts set up, NDRF and SDRF deployed
Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए 88 बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। उद्देश्य यही है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता दी जा सके।

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गंगा-यमुना किनारे गश्त कर रहीं टीमें

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र कैंट, कर्नलगंज, शिवकुटी, दारागंज, कीडगंज, अतरसुइया, औद्योगिक क्षेत्र, नैनी व झूंसी हैं। ऐसे में इन इलाकों में जल पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी बाढ़ राहत दल की अलग-अलग टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। जल पुलिस प्रभारी जनार्दन साहनी ने बताया कि एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की एक-एक कंपनी राहत कार्य में लगाई गई है।
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इसी तरह पीएसी बाढ़ राहत दल की दो कंपनियां तैनात की गई हैं। 37 प्राइवेट गोताखाेरों की मदद ली जा रही है। इसके साथ ही कुल 128 प्राइवेट नावें भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। प्रभावित इलाकों में कुल 88 बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई हैं। इन चौकियाें पर जवानों के साथ प्राइवेट गोताखोर भी लगाए गए हैं। चौकियों पर तैनात जवान लगातार अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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खाली मकानों की सुरक्षा भी चुनौती

पानी के बढ़ते स्तर के चलते कई लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। ऐसे में खाली पड़े मकानों की सुरक्षा भी चुनौती बनकर सामने आई है। डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने बताया कि संबंधित थानों को सतर्क कर इन इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। ताकि चोरी या अराजकता जैसी घटनाएं रोकी जा सकें। बाढ़ राहत पिकेटों के संचालन के लिए संबंधित थानों को निर्देशित किया गया है कि वह बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात जवानों की नियमित रिपोर्टिंग करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दें।

पुलिस ने जारी किया अलर्ट

पुलिस ने बाढ़ संभावित इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों से सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है। इस बीच जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।

शिकायत मिली तो विधायक हर्षवर्धन ने चखा भोजन, फिर शिविर में बंटा

भोजन की शिकायत मिलने पर विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने शनिवार शाम कई बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया। एनी बेसेंट और महबूब अली शिविर में उन्होंने भोजन चखा। इसके बाद ही लोगों को वितरित किया गया।

विधायक ने संचालक से एनी बेसेंट शिविर में रोशनी बढ़ाने को कहा। इसके पहले कुछ अन्य शिविरों में भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल को देखते हुए विधायक ने यह बात लखनऊ तक पहुंचा दी। उसके बाद ही अफसर हरकत में आ गए।

बाजपेयी ने कहा कि रविवार से कुछ शिविरों में रोटरी एवं लायंस क्लब भोजन आदि की व्यवस्था कर सकता है। वहीं, विधायक दीपक पटेल ने भी फूलपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव से जरूरतमंदों को ब्रेड, बिस्कुट, मोमबत्ती, पानी की बोतल वितरित किया। उधर, सांसद प्रवीण पटेल ने भी कई बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया। 

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