प्रयागराज नगर निगम : मेयर का टिकट पाने के लिए शुरू हुई भागमभाग, भाजपा में सबसे अधिक दावेदार
प्रयागराज में जनता द्वारा चुनी गई पहली मेयर वर्तमान सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ही हैं। तब से अब तक यहां सामान्य जाति का ही मेयर रहा है। इस लिस्ट में वर्तमान एमएलसी डॉ. केपी श्रीवास्तव, चौधरी जितेेंद्र नाथ सिंह के बाद वर्तमान मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी का नाम है।
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मेयर की सीट ओबीसी के खाते में जाने के बाद टिकट के दावेदारों ने लखनऊ और दिल्ली दरबार की दौड़ लगानी शुरू कर दी है। सत्तारूढ़ पार्टी होने के नाते सर्वाधिक दावेदार भाजपा के पास हैं। ओबीसी आरक्षण की घोषणा होने के बाद से ही कुछ ने लखनऊ में डेरा जमा लिया है। इसमें से कुछ ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से भी मुलाकात की है। मुलाकात के बाद सभी अपने पक्ष में माहौल बना होने की बात कहने से भी नहीं चूक रहे हैं।
प्रयागराज में जनता द्वारा चुनी गई पहली मेयर वर्तमान सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ही हैं। तब से अब तक यहां सामान्य जाति का ही मेयर रहा है। इस लिस्ट में वर्तमान एमएलसी डॉ. केपी श्रीवास्तव, चौधरी जितेेंद्र नाथ सिंह के बाद वर्तमान मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी का नाम है। इस बार जब तक यहां आरक्षण सूची जारी नहीं हुई थी, तब तक मेयर पद के लिए 40 से ज्यादा लोगों ने अपने आवेदन कर दिए थे। फिलहाल अब तस्वीर साफ होने के बाद पार्टी के तमाम ओबीसी चेहरों ने अपना दावा ठोंक दिया है।
बताया जा रहा है कि मेयर का टिकट संगठन डिप्टी सीएम केेशव प्रसाद मौर्य से विचार विमर्श के बाद ही घोषित करेगा। केशव खुद भाजपा में पिछड़ी जाति के प्रदेश में सबसे बड़े पार्टी के चेहरे हैं। ऐसे में बिना उनकी सहमति के कम से कम प्रयागराज में प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं होगी। इसी वजह से टिकट के तमाम दावेदार केशव मौर्य से ही मुलाकात करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। कुछ ने जहां मुलाकात कर ली है तो कुछ ने उनसे मुलाकात का वक्त भी मांगा है।
उधर सोशल मीडिया में भी टिकट के तमाम दावेदार पूर्व विधायक दीपक पटेल, प्रदेश महिला मोर्चा मंत्री कविता यादव, कारोबारी पदुम जायसवाल, विवेक जायसवाल, पूर्व उपमहापौर अनामिका चौधरी, अनीता सचान, काशी प्रांत उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता एवं पूर्व विधायक करण पटेल के पुत्र डा. विक्रम पटेल, पार्षद किरन जायसवाल आदि के समर्थक खासे सक्रिय हैं।
सभी यह मानकर चल रहे हैं कि उन्हीं के नेता को पार्टी टिकट देगी। उधर नगर निगम सीमा का विस्तार होने के बाद चार लाख से ज्यादा वोटर जुड़ जाने से सामाजिक समीकरण भी बदल गया है। बदले हुए समीकरण में पटेल एवं अन्य पिछड़ी जाति के काफी वोटर विस्तार वाले क्षेत्र में है। इन्हीं सब समीकरण को ध्यान में रखते हुए ही पार्टी मेयर का प्रत्याशी तय कर सकती है।