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प्रयागराजः मोटर दुर्घटना पीड़ितों को अब जल्द मिलेगा न्याय
Fri, 26 Apr 2019 12:31 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 26 Apr 2019 12:31 AM IST
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जिला न्यायालयों में मुकदमों की लंबी फेहरिस्त के चलते परेशान हो रहे मोटर दुर्घटना पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें इंसाफ मिलने में देरी नहीं होगी। मोटर दुर्घटना के दावों का निस्तारण अब विशेष अधिकरण में होगा। जिले में इसके गठन के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अभी तक मोटर दुर्घटना से संबंधित मामलों का निस्तारण भी जिला न्यायालयों में ही होता है। चूंकि जिला न्यायालयों में मुकदमों का बोझ पहले से बहुत ज्यादा है, ऐसे में पीड़ितों को इंसाफ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी तो इसमें कई साल का वक्त बीत जाते हैं। ऐसे में लंबे समय से इन मामलों के निस्तारण के लिए अलग सुनवाई की व्यवस्था की मांग उठ रही थी। इस मांग से संबंधित एक जनहित याचिका भी दाखिल हुई थी जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अधिकरण बनाने का आदेश दिया था।
इस आदेश के बाद ही शासन ने अधिकरण के गठन के संबंध में तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत अब मोटर दुर्घटना संबंधित मामलों का निस्तारण एक विशेष अधिकरण में होगा जिसे ‘मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण’ कहा जाएगा। आरटीओ अफसरों की मानें तो जिले में यह अधिकरण कचहरी परिसर स्थित परिवार न्यायालय भवन में स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कुल 29.61 लाख रुपये का बजट भी शासन ने जारी कर दिया है। कर्मचारियों की नियुक्ति व अन्य प्रक्रिया के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में ही अधिकरण काम करना शुरू कर देगा।
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पहले डायट परिसर में बनाने की थी योजना
जिले में यह अधिकरण पहले हनुमान मंदिर चौराहे के पास डायट परिसर स्थित भवन में स्थापित करने की योजना थी। सूत्रों की मानें तो इसके लिए जगह भी लगभग फाइनल कर ली गई थी। हालांकि अधिवक्ताओं ने यह कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी कि अधिकरण का गठन कचहरी परिसर से अन्यत्र होने पर उनके साथ ही वादी को भी असुविधा होगी। जिसके बाद अधिकरण की स्थापना परिवार न्यायालय भवन में करने का निर्णय लिया गया।
सूबे में कुल 75 अधिकरणों की होगी स्थापना
अफसरों की मानें तो सूबे में कुल 75 मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। जिनमें संबंधित जिलों के मोटर दुर्घटना संबंधित दावों का निरस्तारण किया जाएगा। मुकदमों की संख्या के आधार पर अधिकरण में एक या दो पीठ बनाई जाएगी। फिलहाल जिले में स्थापित होने वाले अधिकरण में दो पीठ बनाई जाएंगी जबकि प्रतापगढ़, फतेहपुर व कौशाम्बी में एक-एक पीठ स्थापित की जाएगी।
जिले में ‘मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण’ की स्थापना के लिए शासन की ओर से बजट जारी कर दिया गया है। इस संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सियाराम वर्मा, एआरटीओ प्रशासन
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अभी तक मोटर दुर्घटना से संबंधित मामलों का निस्तारण भी जिला न्यायालयों में ही होता है। चूंकि जिला न्यायालयों में मुकदमों का बोझ पहले से बहुत ज्यादा है, ऐसे में पीड़ितों को इंसाफ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी तो इसमें कई साल का वक्त बीत जाते हैं। ऐसे में लंबे समय से इन मामलों के निस्तारण के लिए अलग सुनवाई की व्यवस्था की मांग उठ रही थी। इस मांग से संबंधित एक जनहित याचिका भी दाखिल हुई थी जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अधिकरण बनाने का आदेश दिया था।
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इस आदेश के बाद ही शासन ने अधिकरण के गठन के संबंध में तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत अब मोटर दुर्घटना संबंधित मामलों का निस्तारण एक विशेष अधिकरण में होगा जिसे ‘मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण’ कहा जाएगा। आरटीओ अफसरों की मानें तो जिले में यह अधिकरण कचहरी परिसर स्थित परिवार न्यायालय भवन में स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कुल 29.61 लाख रुपये का बजट भी शासन ने जारी कर दिया है। कर्मचारियों की नियुक्ति व अन्य प्रक्रिया के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में ही अधिकरण काम करना शुरू कर देगा।
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पहले डायट परिसर में बनाने की थी योजना
जिले में यह अधिकरण पहले हनुमान मंदिर चौराहे के पास डायट परिसर स्थित भवन में स्थापित करने की योजना थी। सूत्रों की मानें तो इसके लिए जगह भी लगभग फाइनल कर ली गई थी। हालांकि अधिवक्ताओं ने यह कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी कि अधिकरण का गठन कचहरी परिसर से अन्यत्र होने पर उनके साथ ही वादी को भी असुविधा होगी। जिसके बाद अधिकरण की स्थापना परिवार न्यायालय भवन में करने का निर्णय लिया गया।
सूबे में कुल 75 अधिकरणों की होगी स्थापना
अफसरों की मानें तो सूबे में कुल 75 मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। जिनमें संबंधित जिलों के मोटर दुर्घटना संबंधित दावों का निरस्तारण किया जाएगा। मुकदमों की संख्या के आधार पर अधिकरण में एक या दो पीठ बनाई जाएगी। फिलहाल जिले में स्थापित होने वाले अधिकरण में दो पीठ बनाई जाएंगी जबकि प्रतापगढ़, फतेहपुर व कौशाम्बी में एक-एक पीठ स्थापित की जाएगी।
जिले में ‘मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण’ की स्थापना के लिए शासन की ओर से बजट जारी कर दिया गया है। इस संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सियाराम वर्मा, एआरटीओ प्रशासन