Prayagraj: छिवकी, मांडा स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों ने किया हंगामा, लूट ले गए पानी की बोतलें और नमकीन के पैकेट
प्रयागराज-छिवकी जंक्शन पर सोमवार को ट्रेन जल्दी चलाने को लेकर प्रवासी मजदूरों ने बवाल काटा। उन्होंने खाने के पैकेट व पानी की बोतलें लूट लीं। मांडा रेलवे स्टेशन पर मजदूरों ने खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा किया। किसी तरह दोनों स्टेशनों पर मजदूरों को समझा बुझा कर ट्रेनों को रवाना कराया गया।
महाराष्ट्र के मुंबई पालघर रेलवे स्टेशन से श्रमिक स्पेशल ट्रेन करीब 1600 प्रवासी मजदूरों को लेकर सोमवार को बिहार शरीफ जा रही थी। प्रयागराज-छिवकी जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर ट्रेन सोमवार पूर्वान्ह 11.20 बजे पहुंची। कुछ देर में दो और ट्रेनें आकर वहां रुक गईं। तीनों ट्रेनों के सैकड़ों यात्री नीचे उतर आए और पहले अपनी ट्रेन छोड़े जाने की जिद करने लगे। इसी बात को लेकर प्रवासी मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया और खाने के पैकेट, पानी की बोतल व कोल्ड ड्रिंक लूट ले गए। मजदूरों ने स्टेशन पर तोड़फोड़ करने की कोशिश भी की।
स्टेशन पर हंगामे की सूचना पर रेलवे के उच्चाधिकारी, एसडीएम करछना आकांक्षा राना, सीओ करछना आशुतोष तिवारी मय फोर्स वहां पहुंच गए और लोगों को समझा बुझा का शांत कराया और ट्रेन को आगे रवाना कराया गया।
करीब 50 मिनट बाद छिवकी से ट्रेन आगे रवाना हुई तो करछना स्टेशन पर रुक गई। वहां पर भी प्रवासियों ने हंगामा किया तब जाकर ट्रेन आगे बढ़ी। आरपीएफ छिवकी इंस्पेक्टर जेएस उपाध्याय ने बताया कि ट्रेन रुकने की वजह से यात्री नाराज थे। सीओ करछना आशुतोष तिवारी ने बताया कि भीड़ अधिक थी। प्रवासी कई दिन से यात्रा कर रहे थे। जगह-जगह ट्रेन रुकने से नाराज थे। कोई तोड़फोड़ नहीं हुई है, खाने पीने की सामग्री जरूर उठा ले गए हैं।
सूचना पर आरपीएफ मांडा रोड के चौकी प्रभारी आरके शर्मा दलबल के साथ इंजन के पास पहुंचे और किसी तरह यात्रियों को शांत कराकर ट्रेन चलवाई। एक ट्रेन गुजरी नहीं थी कि तभी लगभग पौने चार बजे पालघर से बिहार शरीफ जा रही स्पेशल ट्रेन रुक गई और उसके भी यात्री भी हंगामा काटने लगे। किसी तरह उस ट्रेन को भी चलवाया गया। सूचना पर एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी, मांडा, मेजा, कोरांव थाने के प्रभारी राकेश चौरसिया, सीवी सिंह, सुरेंद्र वर्मा, चौकी प्रभारी सूर्य प्रकाश दुबे, नवीन कुमार सिंह दलबल के साथ देर शाम तक स्टेशन पर डटे रहे।
घंटों सफर से जवाब दे रहा धैर्य
श्रमिक ट्रेनों का संचालन तो हो रहा है, लेकिन इनके आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। यहां हंगामा कर रहे बिहार के रहने वाले राम नरेश, अजायब लाल यादव, रघुवर दयाल आदि का कहना था कि वह बीते 40 घंटे से ट्रेन से बिहार के लिए चले हैं और अभी तक घर नहीं पहुंचे। भूख प्यास से तड़प रहे हैं। ट्रेन हर स्टेशन पर कई-कई घंटे खड़ी कर दी जा रही हैं। जिसकी वजह से इस भीषण गर्मी में सफर करना मुहाल हो गया है लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।हमारी बोगी में एक मजदूर की तबियत खराब हो गई थी। छिवकी स्टेशन पर जब ट्रेन रुकी तो हम लोगों ने साथी यात्री की दवा कराने के लिए कहा, जिसमें स्टेशन पर मौजूद लोगों ने काफी समय करा दिया। इसी में कुछ लोग नाराज होकर हंगामा करने लगे थे और खाने पीने की चीजे उठा ले गए। नाराज प्रवासी नारेबाजी करते हुए तुरंत ट्रेन रवाना करने के लिए कह रहे थे। तब तक रेलवे के डीआरएम समेत अन्य अफसर पहुंच गए।