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महामंडलेश्वर महंत संतोष दास सतुआ बाबा पर हमला, दो संतों पर एफआईआर दर्ज
Mon, 15 Feb 2021 12:38 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 15 Feb 2021 12:38 AM IST
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prayagraj news : खाक चौक की बैठक में बोलते महंत सतुआ बाबा।
- फोटो : prayagraj
संगम की रेती पर खाक चौक के संतों में घमासान छिड़ गया है। खाक चौक व्यवस्था समिति के अध्यक्ष महामंडलेश्वर सीताराम दास की बर्खास्तगी के दूसरे दिन हुई बैठक के दौरान एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। एक गुट ने सीताराम दास के नेतृत्व में भरोसा जताया। बात तब बढ़ गई जब समिति के महामंत्री महामंडलेश्वर महंत संतोष दास सतुआ बाबा पर कुछ बाबाओं ने हमला कर दिया। जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में बर्खास्त अध्यक्ष के शिष्य अतुल दास और शृंगवेरपुर खालसा के जयराम दास के खिलाफ देर शाम एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसी के साथ खाक चौक के दोनों गुटों में तल्खी और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
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माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-तीन में रामानंदाचार्य मार्ग-अ पर विजयराम भक्तमाल आश्रम में रविवार दोपहर एक बजे शुरू हुई खाक चौक व्यवस्था समिति की बैठक में अध्यक्ष की बर्खास्तगी के अलावा भूमि आवंटन में और खालसों के चंदे के हिसाब-किताब पर चर्चा शुरू होने के साथ ही हंगामा होने लगा। शोरशराबे के बीच संस्था के आय-व्यय का विवरण कोषाध्यक्ष जनार्दन दास प्रस्तुत करने लगे। रजिस्टर में चंदा देने वाले कई खालसों का नाम न होने पर गहरी नाराजगी जताई गई। कोषाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि जिन सदस्यों के नाम सूची से छूट गए हैं, उन्हें फिर शामिल किया जाएगा।
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prayagraj news : माघ मेला
- फोटो : prayagraj
इसके बाद अध्यक्ष को पद से हटाए जाने पर चर्चा शुरू हुई। हटाए गए महंत सीताराम दास का कहना था कि उनको न तो किसी तरह का नोटिस दिया गया और ना ही अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। ऐसे में यह कार्रवाई अनुचित है। इसका कई सदस्यों ने समर्थन किया और सीताराम दास को ही अध्यक्ष पद पर बने रहने देने का अनुरोध करने लगे।
इस बीच कार्यकारी अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण का कहना था कि समिति का नियम है किसी तरह का विवाद होने पर उपाध्यक्ष ही अध्यक्ष का दायित्व संभालता है। समिति के पदाधिकारियों को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। इसपर शृंगवेरपुर खालसा के महंत जयराम दास अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। गाली गलौज शुरू होने पर सतुआ बाबा ने जब मना करने की कोशिश की, तब कुछ बाबाओं ने सतुआ बाबा पर स्टील की राड से हमला करने की कोशिश की। धक्कमुक्की और मारपीट की नौबत आने पर सुरक्षा गार्डों और संतों ने बीच-बचाव कर सतुआ बाबा को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
इस बीच कार्यकारी अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण का कहना था कि समिति का नियम है किसी तरह का विवाद होने पर उपाध्यक्ष ही अध्यक्ष का दायित्व संभालता है। समिति के पदाधिकारियों को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। इसपर शृंगवेरपुर खालसा के महंत जयराम दास अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। गाली गलौज शुरू होने पर सतुआ बाबा ने जब मना करने की कोशिश की, तब कुछ बाबाओं ने सतुआ बाबा पर स्टील की राड से हमला करने की कोशिश की। धक्कमुक्की और मारपीट की नौबत आने पर सुरक्षा गार्डों और संतों ने बीच-बचाव कर सतुआ बाबा को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।