गुजरात से आज प्रयागराज आएंगी चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें, 4800 प्रवासी मजदूरों के आने की संभावना
प्रयागराज जंक्शन पर बुधवार को गुजरात से कुल चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आएंगी । इसमें से दो ट्रेनों की समय सारिणी जारी हो चुकी है। पहली ट्रेन बुधवार को सुबह 7.10 बजे और दूसरी ट्रेन 10.30 बजे प्लेटफार्म नंबर-1 पर पहुंचेगी। वहां से प्रवासी कामगारों को स्टेशन परिसर में ही बने आश्रय स्थलों में ले जाया जाएगा। आश्रय स्थल में आने के बाद जिला प्रशासन की देखरेख में सभी मजदूर आ जाएंगे।
फिजिकल डिस्टेंसिंग के लिए प्लेटफार्म से लेकर आश्रय स्थल पर गोले के निशान बना दिए गए हैं, जिसमें कामगारों को खड़ा होना होगा। रस्सियों के पास आरपीएफ और जीआरपी के जवाब रहेंगे, ताकि कोई यात्री इधर-उधर न जाए।
प्रशासन की ओर से भी इतनी बड़ी संख्या में गुजरात से आ रहे मजदूरों की जांच तथा उन्हें घर पहुंचाने के लिए विशेष तैयारी की गई है। सभी की स्टेशन पर ही थर्मल जांच कराई जाएगी। वहीं से बसों के माध्यम से उन्हें गृह जनपद भेजा जाएगा। प्रयागराज के श्रमिकों को भी होम क्वारंटीन किया जाएगा। जिनमें कोरोना के लक्षण होंगे उन्हें फिलहाल सात दिनों के लिए उनके गांव के नजदीक बने आ0श्रय स्थल में क्वारंटीन किया जाएगा। श्रमिकों को बसों तथा अन्य वाहनों से घरों तक पहुंचाया जाएगा।
मंडलायुक्त ने की तैयारियों की समीक्षा
मंडलायुक्त ने मंगलवार को कोरोना से बचाव एवं इलाज को लेकर प्रशासन और चिकित्सा विभाग की तैयारियों की समीक्षा की। बुधवार को श्रमिकों के आने को लेकर उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने पर्याप्त संख्या में थर्मल स्कैनर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही। कोरोनो के मद्देनजर बने तीनों स्तर के अस्पतालों में व्यवस्था की जानकारी ली।
उन्होंने एल - 3 कोविड अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन, वेंटीलेटर तथा अन्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने क्वारंटीन सेंटर, श्रमिकों को घर तक पहुंचाने, उनकी निगरानी आदि की बाबत भी आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में आईजी केपी सिंह, एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव, अपर मंडलायुक्त प्रशासन भगवान शरण, अपर नगर आयुक्तए एडी हेल्थ एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।
सोनभद्र भेजे गए 50 मजूदर
प्रयागराज। सोरांव में फंसे 50 मजदूरों को मंगलवार को उनके गृह जनपद सोनभद्र भेजा गया। सोरांव के जमुआ गांव से पैदल चलकर वे सिविल लाइंस पहुंचे थे। सूचना मिलने पर पहले उन्हें एडीसी में शिफ्ट किया गया। श्रमिक सोनभद्र जाना चाहते थे। भोजन कराने के बाद उन्हें बसों से सोनभद्र के लिए रवाना किया गया। मौके पर एडीएम प्रशासन वीएस दुबे आदि मौजूद रहे।
गुजरात में फंसे सैकड़ों लोगों की कोई सुनवाई नहीं
सरकार के दावों के विपरीत गुजरात में सैकड़ों मजदूर फंसे हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इनमें प्रयागराज के भी बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हैं। घर वापसी के लिए उन्होंने सरकार और प्रशासन की ओर से जारी हर नंबर पर संपर्क किया लेकिन सभी जगहों से निराशा मिली। वहां फंसे घूरपुर के रेरा गांव के अजय विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, उमाकांत विश्वकर्मा, प्रमोद बिंद आदि ने बताया कि वे सुधीर पावर लिमिटेड सिलवासा के वर्कर हैं।
किसानों का कर्ज माफ करने की मांग
अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि कारपोरेट घरानों के 68 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर्ज माफ कर दिए गए हैं। उसी तरह से सभी केसीसी कर्ज माफ किए जाएं। साथ ही खरीफ फसल के लिए नए कर्ज जारी किए जाएं।
आज लुधियाना से भी आएगी श्रमिक स्पेशल, डीएम ने लिया तैयारियों का जायजा
गुजरात से आने वाली चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के साथ ही बुधवार को लुधियाना से भी एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्रयागराज जंक्शन आएगी। हालांकि रेलवे की ओर से श्रमिक स्पेशल ट्रेन की समय सारिणी जारी नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन बुधवार रात यहां आ सकती है। ऐसे में अब यहां कुल पांच श्रमिक स्पेशल ट्रेनें बुधवार को आएंगी। इस बीच डीएम भानु चंद गोस्वामी ने रेलवे अफसरों के साथ शाम को जंक्शन के दोनों यात्री आश्रय स्थल का जायजा लिया।शाम को जिलाधिकारी के साथ एडीआरएम अनुराग गुप्ता, सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित आदि अफसरों ने प्लेटफार्म नंबर एक पर की गई मार्किंग आदि को देखा। बताया गया कि सुबह सात बजे आने वाली श्रमिक एक्सप्रेस में 18 एवं 10.30 बजे आने वाली ट्रेन में कुल 22 कोच रहेंगे। जंक्शन पर यात्रियों के खड़े होने के लिए बनाए गए गोले भी डीएम ने देखे। इस बीच रेलवे ने दोनों यात्री आश्रय स्थल जिला प्रशासन को सुर्पूद कर दिए। ऐसे में अब रेलवे प्रशासन सिर्फ बुधवार को श्रमिकों को ट्रेनों से उतारने के बाद उन्हें सीधे यात्री आश्रय स्थल भेजेगा। वहां से उन सभी को जिला प्रशासन द्वारा उनके गंतव्य के लिए बसों के माध्यम से भेजा जाएगा।