शिवरात्रि स्नान के साथ कुंभ का भले ही औपचारिक समापन हो गया, लेकिन इसके गुणगान महीनों तक गाए जाएंगे। यह कुंभ विश्व रिकार्डों के लिए जाना जाएगा तो कई आयोजन पहली बार भी हुए। कीर्तिमानों की हैट्रिक की गूंज लोकसभा चुनाव में भी सुनाई देगी। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों ही तरफ से इसे लेकर रणनीति बना ली गई है।आगामी लोकसभा चुनाव में कुंभ एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। इसकी बानगी अभी से दिखने लगी है।
कुंभ 2019: लोक सभा चुनाव में भी छलकेगा ‘कुंभ’ भाजपा नें तारीफ तो सपा नें खामियों की बनाई लिस्ट
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कुंभ नगरी मेें पहली बार कैबिनेट की बैठक हुई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के साथ सियासी डुबकी भी लगाई। अलग-अलग कारणों से इस बार का कुंभ लगातार चर्चा में रहा। कुंभ को भव्य व दिव्य बनाने की गूंज लोकसभा चुनाव तक सुनाई पड़े, प्रदेश सरकार ने इसकी भी रणनीति बनाई है। संगम नोज से परेड तक कुंभ की मूलभूत सुविधाएं जून तक बनी रहेंगी। यानी, चुनाव प्रचार के दौरान भी कुंभ में सियासी डुबकी लगती रहेगी।वहीं विपक्ष ने पूरे आयोजन को भाजपा और अव्यवस्था का कुंभ बताने की रणनीति बनाई है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहले ही कुंभ में अव्यवस्था का मुद्दा उठा चुके हैं तो सपा और कांग्रेस के एमएलसी ने भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए हैं। सपा सांसद नागेंद्र सिंह पटेल का कहना है कि इस बार भाजपा का कुंभ था। कल्पवासियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। उनके शिविरों में शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं थीं। पूरा ध्यान वीआईपी स्नानार्थियों पर रहा। उन्होंने धार्मिक स्थल को सैर सपाटा की जगह बनाने का आरोप लगाया।
सपा सांसद ने कुंभ क्षेत्र में चलाई साइकिल
सपा सांसद नागेंद्र सिंह पटेल ने कुंभ के अंतिम स्नान पर्व शिवरात्रि पर नागवासुकि मंदिर से संगम तक साइकिल से भ्रमण किया। करीब छह घंटे के कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने स्नानार्थियों को राह दिखाई तथा अन्य तरीके से मदद की। खुद भी संगम स्नान किया।
सांसद ने स्नानार्थियों को जगह-जगह रोके जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पूरा मेला खाली था, लेकिन लोगों को अंदावा, सराइनायत, फाफामऊ में रोक दिया गया। श्रद्धालुओं को झूंसी से संगम नहीं जाने दिया गया। सभी को झूंसी पुल से परेड ले जाया गया, जबकि, झूंसी की तरफ पूरा मेला खाली था। भीड़ दिखाने के लिए बेवजह स्नानार्थियों को परेशान किया गया।
इस बार के कुंभ की खास उपलब्धियां
10 हजार से अधिक स्वच्छाग्रहियों के एक साथ सफाई का रिकार्ड
प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन
रिकार्ड 3200 बीघे में फैला था मेला
आठ किलोमीटर में बनाए गए थे 40 घाट
20 करोड़ से अधिक ने किया स्नान
अक्षयवट और सरस्वती कूप का मिला दर्शन
किन्नर अखाड़े ने जूना संग किया शाही स्नान
503 बसों के एक साथ संचालन का बना रिकार्ड
छह हजार से अधिक कलाकारों ने एक साथ की पेंटिंग
प्रधानमंत्री के हाथों सम्मानित हुए सफाई और पुलिसकर्मी तथा नाविक
लखनऊ से बाहर पहली बार कुंभ नगर में हुई कैबिनेट की बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट मंत्रियों संग किया स्नान
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के अलावा कई जगह के राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों समेत अन्य नेताओं ने लगाई डुबकी
186 देश के प्रतिनिधियों ने किया भ्रमण, लगाई डुबकी
3000 से अधिक प्रवासी भारतीयों ने भी किया स्नान
अरैल की तरफ विश्व सहभागिता स्थल पर लगाए गए 70 देश के ध्वज
फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों ने लगाई डुबकी
कुंभ क्षेत्र के अलावा शहर के प्रमुख स्थलों पर भी सांस्कृतिक आयोजन
दिव्यता के साथ भव्यता का रहा शोर