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Prayagraj : चंद्रशेखर आजाद पार्क में प्रशासन की कार्रवाई से हाईकोर्ट असंतुष्ट, आदेश के बावजूद पूरा नहीं हटा अतिक्रमण

Fri, 08 Oct 2021 11:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 08 Oct 2021 11:19 PM IST
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Prayagraj: High Court dissatisfied with administration's action in Azad Park, not completely destroyed encroachments despite order
Prayagraj News : पीडीए ने चंद्रशेखर आजाद पार्क में शुरू की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई। - फोटो : prayagraj
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंद्र शेखर आजाद पार्क से अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की कार्रवाई पर असंतोष जताया है। कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को प्रशासन की ओर से अनुपालन रिपोर्ट पेश करने पर अदालत ने पूछा कि क्या 1975 के बाद के सभी अवैध निर्माण हटा दिए गए हैं, जबकि याची का कहना था कि अब भी बहुत से अवैध निर्माण पार्क  के अंदर मौजूद हैं। 
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इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से इलाहाबाद लेडीज क्लब बनाम जितेंद्र नाथ सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पालन पर हलफनामा मांगा है। पूछा है कि क्या 1975 के बाद के पार्क के भीतर के सभी अवैध निर्माण हटाए जा चुके हैं। 
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कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट की प्रति याची को आपत्ति देने के लिए सौंपने का भी निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी। जितेंद्र सिंह बिसेन की जनहित याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एम एन भंडारी तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
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याची का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के पार्क  से अतिक्रमण हटाने के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है, जिस पर कोर्ट ने पार्क अधीक्षक, जिला प्रशासन, पीडीए और नगर निगम प्रयागराज से जानकारी मांगी थी कि पार्क कानून बनने की तिथि से पहले पार्क में कितने निर्माण थे और उसके बाद कितने निर्माण कार्य किए गए हैं।


रिकार्ड के अभाव में कोई विभाग इसकी जानकारी नहीं दे सका तो कोर्ट ने कमिश्नर सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब कर लिया, जिसके बाद कुछ निर्माण हटाए गए और कहा गया कि सारे अवैध निर्माण हटा दिए गए हैं। याची ने इसपर आपत्ति की और कहा कि सभी अवैध निर्माण नहीं हटाए गए हैं। अब कोर्ट ने हलफनामा मांगा है कि क्या वास्तव में सभी अवैध निर्माण हटा दिए गए हैं।
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