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Prayagraj : 157 वर्ष बाद प्रयागराज को मिला यमुना पर एक और रेल पुल, बाईपास का भी काम करेगा नया ब्रिज
Sat, 31 Dec 2022 10:53 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 31 Dec 2022 10:53 PM IST
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दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर नैनी में बने पुल के 157 वर्ष के बाद संगम नगरी को यमुना पर नया रेलवे पुल इरादतगंज में शुक्रवार को मिला। इस पुल पर पहली बार शुक्रवार को मालगाड़ी का ट्रायल हुआ। तकरीबन 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी नवनिर्मित पुल से दोपहर तकरीबन एक बजे के आसपास गुजरी। ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के तहत इस पुल पर मालगाड़ी निकलने के साथ ही प्रयागराज को पहली बार एक रेल बाईपास भी मिल गया।
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प्रयागराज में अभी यमुना पर रेलवे का एकमात्र पुल ही है। उसका निर्माण अंग्रेजों ने वर्ष 1865 में करवाया था।। हालांकि आज भी इस पुल से हर रोज तकरीबन 200 ट्रेनों की आवाजाही हो रही है। फिलहाल अब फ्रेट कॉरीडोर रूट पर इसी पुल से तकरीबन पांच किमी दूरी यमुना पर रेलवे के एक और पुल के निर्माण के साथ उस पर शुक्रवार को पहली बार ट्रेन चला दी गई।
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तकरीबन एक किमी लंबे इस पुल से कोयला लदी 53 वैगन वाली मालगाड़ी का सफलता पूर्ण ट्रायल हुआ। अब एसएजी निरीक्षण के बाद सप्ताह भर बाद इस पुल से मालगाड़ी की नियमित आवाजाही शुरू हो जाएगी। पुल के निर्माण में तकरीबन 3200 टन लोहे का इस्तेमाल किया गया। इसमें कुल 18 पिलर हैं। पुल का निर्माण वर्ष 2017 में शुरू हुआ था।
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रेल बाईपास का भी काम करेगा नया पुल
ईडीएफीसी के तहत बने यमुना पर रेल पुल पर मालगाड़ी का ट्रायल होने के साथ ही प्रयागराज को आज एक नया रेल बाईपास भी मिल गया। यह पुल न्यू सुजातपुर से न्यू छिवकी को जोड़ेगा। इस रेलखंड की कुल लंबाई 62.65 किमी है। इस पूरे रेलखंड का भी आज ट्रायल हुआ।
इस दौरान न्यू छिवकी के दिन में 12.30 बजे के आसपास मालगाड़ी चली, जो इरादतगंज, यमुना पुल होते हुए तकरीबन दो बजे सुजातपुर पहंुच गई। ईडीएफसी अफसरों ने बताया कि यह पूरा रेलमार्ग एक बाईपास का भी काम करेगा। इससे प्रयागराज जंक्शन पर ट्रेनों का लोड फैक्टर भी कम होगा। यहां की बजाय सारी मालगाड़ियों फ्रेट कॉरीडोर से ही निकाल दी जाएंगी।