Prayagraj Flood News: गंगा-यमुना में फिर उफान, कई बस्तियों में घुसा पानी, लेटे हनुमान मंदिर की चौखट तक पहुंची भागीरथी
गंगा में छोड़ा गया पानी
हरिद्वार- 44,752 क्यूसेक
नरोरा- 41.613 क्यूसेक
कानपुर- 1,88,182 क्यूसेक
विस्तार
गंगा-यमुना में बृहस्पतिवार को फिर उफान आ गया। दोनों नदियों में अचानक तीन सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई। इससे शाम तक दारागंज सब्जी मंडी के पीछे सैकड़ों झोपड़ियों में पानी भर गया। सलोरी, बाघाडा, चांदपुर के निचले स्तरों वाले इलाकों में गंगा की बाढ़ प्रवेश कर गई। इससे देर रात तक सैकड़ों गरीब परिवारों को बर्तन, कपड़े और बिस्तर लेकर दूसरी जगहों पर जाना पड़ा।
देर रात गंगा हनुमान मंदिर के चौखट पर पहुंच गई। इस दिन हरिद्वार, नरोरा औरर कानपुर बांधों से 2.70 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। उधर, मध्य प्रदेश में बारिश की वजह से केन व बेतवा से लगातार पानी आने से यमुना में जल दबाव बढ़ा गया है। बृहस्पतिवार की रात गंगा हनुमान मंदिर का पास आ गई। फिलहाल गंगा 2 सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रही है।
उधर, यमुना में भी इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तीर्थपुरोहितों की चौकियां खिसक कर बेनी बांध से लेकर परेड तक आ गई है। बृहस्पतिवार की रात परेड में सैकड़ों गरीब परिवारों ने भी डेरे-चंबू डाल दिए। सिंचाई बाढ़ खंड के नियंत्रण कक्ष के मुताबिक शाम को फाफामऊ में गंगा 81.44 छतनाग में 80.56 मीटर पर बहती रहीं। इसी तरह नैनी में यमुना का जलस्तर 81.22 मीटर पर पहुंच गया। चेतावनी बिंदु 83.73 मीटर पर है।
बृहस्पतिवार को गंगा युमना के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहा। इस दौरान पानी लेटे हनुमान मंदिर के करीब तक पहुंच गया हैं।
बृहस्पतिवार को गंगा युमना के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहा। दारागंज के निचले इलाके में घर में पानी भर जाने के बाद सामान हटाते लोग।
बृहस्पतिवार को गंगा युमना के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहा। इस दौरान पानी आदि शंकर विमान मंडपम मंदिर की तरफ बढ़ने लगा।