प्रयागराज : पीएचक्यू के पास ढाबे पर बमबाजी में इंटरस्टेट गैंग के सरगना समेत पांच गिरफ्तार
सिविल लाइंस में पीएचक्यू के पास 20 जून की रात हरीश ढाबे पर बमबाजी की गई थी। वहां उस वक्त तमाम लोग खाना खा रहे थे। घटना से वहां दहशत फैल गई थी। ढाबा मालिक चंदन अरोरा ने घटना में दो युवकों को नामजद करते हुए पांच अज्ञात पर केस दर्ज कराया था।
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पीएचक्यू के पास हरीश ढाबे पर बमबाजी के मामले में पुलिस ने इंटरस्टेट गैंग के सरगना विवेक यादव उर्फ बागी समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। गैंग में शामिल तीन अन्य बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पकड़े गए बदमाशों के पास से बम और तमंचों के साथ वह कार भी बरामद कर ली गई है जिससे घटना को अंजाम दिया गया था। तीन बदमाश इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। दो वर्तमान छात्र हैं। वे अवैध रूप से हालैंड हॉल के तीन कमरों में रहते थे।
सिविल लाइंस में पीएचक्यू के पास 20 जून की रात हरीश ढाबे पर बमबाजी की गई थी। वहां उस वक्त तमाम लोग खाना खा रहे थे। घटना से वहां दहशत फैल गई थी। ढाबा मालिक चंदन अरोरा ने घटना में दो युवकों को नामजद करते हुए पांच अज्ञात पर केस दर्ज कराया था। पुलिस को कार नंबर मिल गया था। यह भी पता चल गया था कि हमलावर हालैंड हॉस्टल से आए थे। सूचना पर वहां छापा मारा गया। वह कार बरामद हो गई जिससे घटना को अंजाम दिया गया था।
उनके साथ तीन और लोग थे जिसमें अभिषेक शुक्ला, सोनू और अभिषेक यादव शामिल हैं। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि विवेक यादव और उसके गैंग के सात और सदस्य अवैध रूप से हालैंड हॉल के कमरा नंबर 4, 30 और 70 में अवैध रूप से रहते थे। तीन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। दो वर्तमान में छात्र हैं। वे हास्टल में रहकर वे तमाम आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, जालसाजी और बमबाजी समेत तमाम धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वे कई बार जेल भी जा चुके हैं।
1-विवेक यादव उर्फ बागी निवासी गंगापुर, बैरिया, बलिया- घर वाले कृषि कार्य करते हैं। विवेक ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 2009-10 एडमीशन लिया था। उसने कई आपराधिक घटनाएं की तो पुलिस पीछे पड़ गई। वह यहां से भागकर कानपुर गया और 2013 में वहीं से बीए किया। इन दिनों वह हालैंड हाल के अलावा झूंसी के कटका में रहता है। छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
2-अमित गिरि निवासी मोहम्मदपुर जंगलवन, कैस्पियरगंज, गोरखपुर- अमित के परिवार वाले भी कृषि कार्य करते हैं। वह पहले हालैंड हास्टल में रहता था। बाद में सोहबतियाबाग में रहने लगा। 2015 में उसने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए और 2020 में राज्य विश्वविद्यालय से एमए किया। हास्टल में आज भी अवैध कब्जा है। अमित के खिलाफ तीन मुकदमे चल रहे हैं।
3-हिमांशु सिंह उर्फ शुभम निवासी ढिढई, पट्टी, प्रतापगढ़- परिवार वाले कृषि कार्य करते हैं। वर्तमान में अक्षय लॉज कटरा में रहता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष का छात्र। हिमांशु के खिलाफ प्रतापगढ़ और प्रयागराज में सात मुकदमे चल रहे हैं।
4-संदीप यादव निवासी उकरांव बहरियाबाद, गाजीपुर- इसके परिजन भी कृषि कार्य करते हैं। 2013 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीकाम और 2018 में पूर्वांचल विश्वविद्यालय से एमए किया। दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
5-भानु प्रताप यादव निवासी मड़ौली, संग्रामपुर, अमेठी - भानू इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र है। वह केपीयूसी हास्टल का अंत:वासी है। दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
फरार आरोपी
1-अभिषेक शुक्ला
2-सोनू
3-अभिषेक यादव
हास्टल में रहकर अपराधों को देते हैं अंजाम
प्रयागराज। विवेक यादव गैंग के बदमाश हास्टल में अवैध रूप से रहकर शहर में तमाम अपराधों को अंजाम देते हैं। इसमें प्रमुख रूप से विवादित मकानों पर कब्जा है। मकानों को खाली कराने के लिए भी वे ठेका लेते हैं। इससे उन्हें मोटी रकम मिलती है जिससे वे मंहगी गाड़ियां, आईफोन, जूते और कपड़े खरीदते हैं।
खुद बनाते हैं बम, पांचों के खिलाफ दर्ज हैं बमबाजी के मामले
प्रयागराज। विवेक यादव गैंग के अपराधियों की सबसे खास बात यह है कि सभी खुद बम बनाते हैं। बमबाजी वे माहिर हैं। पांचों के खिलाफ पहले ही बमबाजी के मुकदमे चल रहे हैं। सीओ सिविल लाइंस आईपीएस अभिषेक भारती ने बताया कि वे चौक से अलग अलग गंधक और बारूद खरीदकर बम बनाते हैं।
विश्वविद्यालय को लिखी जाएगी चिट्ठी
प्रयागराज। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस से स्वीकार किया है कि विश्वविद्यालय के अलग अलग छात्रावासों में तमाम अपराधी अवैध कब्जा कर रह रहे हैं। तमाम आपराधिक घटनाओं को यहीं से अंजाम दिया जाता है। सीओ अभिषेक भारती ने बताया कि विश्वविद्यालय को चिट्ठी लिखकर पूरी बातों से अवगत कराया जाएगा और अभियान चलाकर अवैध तरीके से हास्टलों में रह रहे बदमाशों को निकाला जाएगा।
पकड़े गए पांचों आरोपी विवेक बागी गैंग के सदस्य हैं। उनके खिलाफ प्रदेश में विभिन्न जिलों के थानों में मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रुपये इनाम की घोषणा की जाती है। - अजय कुमार, एसएसपी प्रयागराज।