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प्रयागराज : विकास भवन के स्टोर में लगी आग, पांच हजार टैबलेट खाक
Tue, 03 May 2022 01:34 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 03 May 2022 01:34 AM IST
सार
- साजिश के तहत आग लगाए जाने की आशंका, सीडीओ ने दिए जांच के आदेश
- एफआईआर के साथ सुरक्षा कर्मियों को दिया गया नोटिस, खंगाले जा रहे सीसीटीवी कैमरे
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विकास भवन में लगने के बाद जले हुए सामान काे बाहर निकालते लोग।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
विकास भवन के परिसर स्थित स्टोर में सोमवार को आग लगने से 5000 टैबलेट समेत करोड़ों रुपये का सामान खाक हो गया। साजिश के तहत आग लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है। सीडीओ ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। एफआईआर लिखाने के साथ सुरक्षा कर्मियों को नोटिस भी जारी किया गया है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
पंचायती राज तथा जिला विकास अधिकारी कार्यालय के स्टोर में 2011 की जनगणना से संबंधित करीब 5000 टैबलेट रखे थे। स्वच्छाग्रहियों के बैग एवं किट, स्टेशनरी आदि वस्तुएं भी यहां रखी हुईं थीं। स्टोर में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है।
इसके चलते बैग एवं किट बाहर रखे गए थे। सुबह करीब सात बजे बैग व किट में आग लग गई और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग पूरे स्टोर में फैल गई। आग से निकट स्थित सरस सभागार के खिड़कियों के शीशे तक चटकने लगे। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। आग इतनी भीषण थी कि स्टोर में रखीं ज्यादातर वस्तुएं जलकर राख हो गईं।
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जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) अशोक कुमार मौर्य के मुताबिक शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका नहीं दिखती। यही लग रहा है कि साजिश के तहत किसी ने आग लगा दी है। एफआईआर लिखाई गई है। इसके साथ ही विभाग के स्तर पर भी जांच कराई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी जा रही है।
सुरक्षा कर्मियों को नोटिस भेजा गया है। सीडीओ शिपू गिरि का कहना है कि डीडीओ को जांच सौंपी गई है, उनको सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच के आदेश दिए गए हैं। आग लगने के कारण पर अभी किसी तरह की टिप्पणी उचित नहीं होगी। भविष्य में इस तरह की घटना न होने पाए, इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा।
आग बुझाने में लगा एक घंटा
आग लगने की सूचना के बाद आधे घंटे के भीतर फायर ब्रिगेड की टीम दो दमकल गाड़ियों के साथ पहुंच गई। उन्हें आग पर काबू पाने में एक घंटे से अधिक का वक्त लग गया। तब तक स्टोर में रखीं ज्यादातर वस्तुएं राख हो चुकी थीं। अफसरों का कहना है कि फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचने में कुछ देर और हो जाती तो पूरा सरस सभागार ही चपेट में आ जाता।
नुकसान का कराया जा रहा मूल्यांकन
स्टोर में टैबलेट, स्वच्छाग्रहियों के किट-बैग समेत बड़ी मात्रा में स्टेशनरी तथा अन्य वस्तुएं रखी गईं थीं। आग से कितना नुकसान हुआ है, इसका मूल्यांकन कराया जा रहा है। उसमें रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी सूची तैयार की जा रही है।
बड़े घोटाले की आशंका
विकास भवन के स्टोर में आग लगने के पीछे बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। अफसरों का कहना है कि साजिश के तहत किसी ने आग लगाई है। वहीं कर्मचारी नेता कमल श्रीवास्तव ने अफसरों की मिलीभगत से आग लगाए जाने का आरोप लगाया है।
कमल का कहना है कि अभी एक सप्ताह पहले ही करोड़ों रुपये के टैबलेट तथा अन्य वस्तुएं स्टोर में रखी गईं थीं। उनका कहना है कि घोटाले को छिपाने के लिए यह आग लगाई गई है। कमल का यह भी कहना है कि तीन दिनों से ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे बंद थे।
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पंचायती राज तथा जिला विकास अधिकारी कार्यालय के स्टोर में 2011 की जनगणना से संबंधित करीब 5000 टैबलेट रखे थे। स्वच्छाग्रहियों के बैग एवं किट, स्टेशनरी आदि वस्तुएं भी यहां रखी हुईं थीं। स्टोर में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है।
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इसके चलते बैग एवं किट बाहर रखे गए थे। सुबह करीब सात बजे बैग व किट में आग लग गई और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग पूरे स्टोर में फैल गई। आग से निकट स्थित सरस सभागार के खिड़कियों के शीशे तक चटकने लगे। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। आग इतनी भीषण थी कि स्टोर में रखीं ज्यादातर वस्तुएं जलकर राख हो गईं।
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जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) अशोक कुमार मौर्य के मुताबिक शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका नहीं दिखती। यही लग रहा है कि साजिश के तहत किसी ने आग लगा दी है। एफआईआर लिखाई गई है। इसके साथ ही विभाग के स्तर पर भी जांच कराई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी जा रही है।
सुरक्षा कर्मियों को नोटिस भेजा गया है। सीडीओ शिपू गिरि का कहना है कि डीडीओ को जांच सौंपी गई है, उनको सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच के आदेश दिए गए हैं। आग लगने के कारण पर अभी किसी तरह की टिप्पणी उचित नहीं होगी। भविष्य में इस तरह की घटना न होने पाए, इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा।
आग बुझाने में लगा एक घंटा
आग लगने की सूचना के बाद आधे घंटे के भीतर फायर ब्रिगेड की टीम दो दमकल गाड़ियों के साथ पहुंच गई। उन्हें आग पर काबू पाने में एक घंटे से अधिक का वक्त लग गया। तब तक स्टोर में रखीं ज्यादातर वस्तुएं राख हो चुकी थीं। अफसरों का कहना है कि फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचने में कुछ देर और हो जाती तो पूरा सरस सभागार ही चपेट में आ जाता।
नुकसान का कराया जा रहा मूल्यांकन
स्टोर में टैबलेट, स्वच्छाग्रहियों के किट-बैग समेत बड़ी मात्रा में स्टेशनरी तथा अन्य वस्तुएं रखी गईं थीं। आग से कितना नुकसान हुआ है, इसका मूल्यांकन कराया जा रहा है। उसमें रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी सूची तैयार की जा रही है।
बड़े घोटाले की आशंका
विकास भवन के स्टोर में आग लगने के पीछे बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। अफसरों का कहना है कि साजिश के तहत किसी ने आग लगाई है। वहीं कर्मचारी नेता कमल श्रीवास्तव ने अफसरों की मिलीभगत से आग लगाए जाने का आरोप लगाया है।
कमल का कहना है कि अभी एक सप्ताह पहले ही करोड़ों रुपये के टैबलेट तथा अन्य वस्तुएं स्टोर में रखी गईं थीं। उनका कहना है कि घोटाले को छिपाने के लिए यह आग लगाई गई है। कमल का यह भी कहना है कि तीन दिनों से ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे बंद थे।