फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj demonstrations agaisnt CAA

सीएए : प्रशासन के नोटिस भेजने से बढ़ा गुस्सा

Sun, 26 Jan 2020 01:18 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jan 2020 01:18 AM IST
विज्ञापन
Prayagraj demonstrations agaisnt CAA
Prayagraj demonstrations agaisnt CAA - फोटो : ALDCOMPACT
मंसूर अली पार्क में महिलाओं का धरना 14वें दिन भी जारी
विज्ञापन

वामपंथी नेता मनोज, विधायक उज्ज्वल रमण समेत अनेक नेता हुए शामिल
प्रयागराज। एनआरसी और सीएए के विरोध में महिलाआें का मंसूर अली पार्क में धरना 14वें दिन शनिवार को भी जारी रहा। प्रशासन के नोटिस के बावजूद महिलाएं पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। नोटिस तथा लखनऊ में आंदोलनकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर उनमें नाराजगी भी दिखी।
आंदोलन के समर्थन में महिलाओं तथा विभिन्न संगठन के लोगों का मंसूर अली पार्क में पहुंचने का क्रम देर रात तक जारी रहा। करेली, अकबरपुर, दरियाबाद, शाहगंज, अटाला, रसूलपुर आदि स्थानों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने जुलूस निकाला और धरना का हिस्सा बनीं। वामपंथ, सपा, कांग्रेस आदि राजनीतिक दलों के नेता भी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन का समर्थन किया। सपा विधायक उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि यह लड़ाई हिंदू या मुस्लिम की नहीं है। यह लड़ाई एक सोच के खिलाफ लड़ी जा रही है। पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता कमल सिंह यादव ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से कानून के दायरे में है। सपानेताओं ने कहा कि यदि धरना में शामिल महिलाओं को उठाया गया तो वे जेल भर देंगे। धरने को नेहा यादव, सै.इफ्तेखार हुसैन, मंजू यादव, पंधारी यादव, विनय कुशवाहा आदि ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन

एनटीपीसी के पूर्व महाप्रबंधक एचएल गौतम भी धरना स्थल पर पहुंचे और महिलाओं को संबोधित किया। जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज सिंह ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने संबोधन के दौरान सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। मनोज सिंह के साथ बेगुसराय के सुरेंद्र सिंह, दीपक सिंह आदि भी धरना में शामिल हुए। वामपंथी नेता हरिश्चंद्र द्विवेदी, सुनील मौर्या आदि ने भी धरना में शामिल होकर आंदोलन को मजबूती प्रदान की।
विज्ञापन
विज्ञापन

संघवारी टीम ने गीतों से भरा जोश
धरना में संघवारी की टीम भी शनिवार को शामिल हुई। कपिल की अगुवाई में आई टीम में जामिया मिल्लिया, दिल्ली विश्वविद्यालय आदि संस्थान के विद्यार्थी शामिल हैं। उन्होंने गीतों के माध्यम से आंदोलनकारियों में जोश भरा। साथ ही सरकार की नीतियों पर हमला बोला।
सीएए, एनआरसी के विरोध में बांटे पर्चे
नागरिक समाज के सदस्यों ने शनिवार को सीएए, एनपीआर, एनआरसी के विरोध में चौक तथा आसपास के क्षेत्रों में पर्चे बांटे। पर्चे में सीएए के खतरों तथा इसके सांप्रदायिक आधार को समझाया गया है। पर्चा वितरण में संयोजक ओमदत्ता सिंह, आनंद मालवीया, गायत्री गांगुली, डॉ.आशीष मित्तल, राजवेंद्र सिंह, अमित, राजकुमार पथिक, अंशु, सरिता, जहांआरा, नीशू, सुनील मौर्या, घनश्याम, विशाल, फरहान, सैफ आदि शामिल रहे।

ब्राजील के राष्ट्रपति को बुलाने पर आपत्ति
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वयक समिति के डॉ.आशीष मित्तल ने गणतंत्र दिवस समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति को बुलाए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि चीनी को लेकर ब्राजील भारत का प्रतिद्वंदी है। बाजील की वजह से भारत पर गन्ना किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती का दबाव है। ऐसे में वहां के राष्ट्रपति को बुलाए जाना यह दर्शाता है कि सरकार किसान विरोधी है। डॉ.आशीष ने कहा कि भारत के किसान ब्राजील के राष्ट्रपति का स्वागत नहीं कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक से जुड़े किसानों ने भी ब्राजील के राष्ट्रपति को बुलाने पर आपत्ति जताई है। जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed