Prayagraj Corona Update: तहसीलदार में कोरोना की पुष्टि से मचा हड़कंप, सोरांव तहसील किया गया सील
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जिले में कोरोना का संक्रमण लगातार फैलता जा रहा है। शनिवार को इसकी जद में सोरांव तहसील भी आ गई। तहसीलदार में इसकी पुष्टि हुई है। उन्हें पहले एल-1 हॉस्पिटल भेजा गया। वहां सांस लेने में दिक्कत होने पर एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
उनकी पत्नी व बच्चों को क्वारंटीन कर दिया गया। उधर सोरांव तहसील के मऊआइमा के अंदेली गांव की एक महिला भी कोरोना पॉजिटिव आई है। वह मुंबई के भिवंडी से लौटी थी और अपने पति और तीन बच्चों के साथ कालिंदीपुरम में क्वरांटीन थी। शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे एल-1 हॉस्पिटल भेज दिया गया।
सोरांव तहसीलदार की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। इससे तहसील के साथ तहसीलदार के निवास स्थान शंकरघाट और मऊआइमा का अंदेली गांव हॉटस्पॉट हो गया है। तहसील सहित तीनों स्थानों को सील कर वहां कन्टेनमेंट एक्टिविटी कराई जाएगी।
कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने कहा कि तहसीलदार की जांच एहतियातन कराई गई थी। वे पॉजिटिव आ गए हैं। वे लगातार फील्ड में थे, किसके संपर्क में आकर कोरोना संक्रमित हुए यह स्पष्ट रूप से कहना मुश्किल है। लेकिन सोरांव तहसील के अंतर्गत कोरोना के कई मामले सामने आए हैं और तहसीलदार लगातार प्रशासनिक कार्यों में सम्मिलित थे।
कहा जा रहा है कि वे शुक्रवार को भी तहसील गए थे। उनके संपर्क में एसडीएम सहित तहसील तथा जिले के तमाम अफसर, कर्मचारी आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फिलहाल तहसीलदार की पत्नी और उनके बच्चों को कालिंदीपुरम में क्वारंटीन कराया है।
तहसीलदार के पॉजिटिव पाए जाने से प्रशासन की बढ़ी चुनौती
तहसीलदार के पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। सोरांव तहसील परिसर सीज कर ही दिया गया है। इसके अलावा तहसीलदार के सीधे संपर्क में रहने वालों को क्वारंटीन किए जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। साथ में रहने वाले लेखपालों ने डीएम से मिलकर कोविड-19 की जांच कराने की भी मांग की है।प्रवासी श्रमिकों को ट्रेन से उतारकर घर पहुंचाने, श्रमिकों तथा ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने, किसी के पॉजिटिव पाए जाने पर संपर्क में आने वाले संदिग्धों को क्वारंटीन किए जाने समेत कई अन्य प्रशासनिक कार्यों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो लेखपाल मुख्य कड़ी हैं। यह पूरी टीम सीधे श्रमिकों के बीच में होती है। स्वास्थ्य विभाग के कई सदस्यों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद तहसील कर्मियों की जांच कराने की मांग पहले से उठने लगी है।
एक एसडीएम ने तो सीएमओ को पत्र लिखकर समय भी मांगा है। अब तहसीलदार के पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह मांग और मुखर हो गई है। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि लगातार 15-18 घंटे करने से लेखपाल मानसिक रूप से अस्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने जांच, सुरक्षा के संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष राजकुमार सागर, उपाध्यक्ष राकेश यादव, अवनीश पांडेय शामिल रहे।
शंकरघाट फिर हो गया हॉटस्पॉट
तेलियरगंज का शंकरघाट एक दिन बाद फिर से हॉटस्पॉट में शामिल हो गया। शुक्रवार को ही इलाके को ग्रीन जोन बताया गया था। पॉजिटिव पाए गए तहसीलदार शंकरघाट में ही रहते हैं। उनके परिवार के सदस्यों को कालिंदीपुरम में क्वारंटीन कर दिया गया है। साथ ही इलाके को भी सीज करने की तैयारी है। यह इलाका एक युवक के पॉजिटिव पाए जाने के बाद 24 अप्रैल से ही हॉटस्पॉट था।कानूनगो की रिपोर्ट नेगेटिव आने से राहत
तहसीलदार के साथ कई कानूनगो की भी कोविड-19 की जांच कराई गई थी। राहत की बात यह है सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। एसडीएम सोरांव अनिल चतुर्वेदी का कहना है कि यदि किसी में लक्षण मिलता है तो अन्य स्टाफ की भी जांच कराई जाएगी।तहसीलदार पॉजिटिव आए हैं। सभी कर्मचारियों को और सावधानी से काम करने के लिए कहा गया है। वर्तमान परिस्थिति में चुनौती बढ़ी है। यह चुनौती आगे भी बनी रहेगी। सभी को इसका एहसास है और कर्मचारियों में उत्साह है। उन्हें यह उत्साह बनाए रखना होगा होगा लेकिन सावधानी के साथ। तहसीलदार के संपर्क में आने वालों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अन्य आवश्यक कदम भी उठाए गए हैं। प्रशासन हर बिंदु पर नजर बनाए हुए हैं। भानु चंद्र गोस्वामी, डीएम