प्रयागराजः यूपी की पहली महिला जिन्होंने 85 साल की उम्र में दी कोरोना को मात
लूकरगंज के इंजीनियर की मां पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने 85 वर्ष की उम्र में कोरोना को मात दी। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में बीमारी के खिलाफ लड़ने का हौसला बढ़ा है। कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि इंजीनियर की मां पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने इतनी उम्र में कोरोना को मात दी है।
उन्होंने बताया कि जब उनके इंजीनियर बेटे में कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई तो उन्हें कालिंदीपुरम मेें पांच दिन तक क्वारंटीन में रखा गया था। उस दौरान बहुत ही निराश हुई थीं, लेकिन उनका हौसला बढ़ाने के साथ-साथ उनको ढाढ़स भी बंधाया गया। उनको अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सभी उत्साहित हैं।
लूकरगंज के इंजीनियर की मां हैं, एसआरएन से भाई को भी मिली छुट्टी
जिले में बढ़ते संक्रमण के बीच एक अच्छी खबर है। लूकरगंज निवासी इंजीनियर की जान तो कोरोना से नहीं बच सकी, लेकिन उनकी 85 वर्षीय मां स्वस्थ हो गईं। वह यूपी की पहली बुजुर्ग महिला भी बन गईं, जिन्होंने इस उम्र में संक्रमण को मात दी। ठीक हो जाने के बाद बुधवार को इंजीनियर की मां और भाई को एसआरएन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं इंजीनियर की पत्नी, सास और भाई की पत्नी की चौथी बार रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इंजीनियर की मां और उनके भाई की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इंजीनियर के भाई और मां को एंबुलेंस से घर पहुंचाया गया। छुट्टी के बाद इंजीनियर की मां ने कहा कि वह ठीक हैं और उन्हें अब दिक्कत नहीं है।
कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि इंजीनियर की मां पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने इतनी उम्र में कोरोना को मात दी है। जब उनके इंजीनियर बेटे में कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई तो उन्हें कालिंदीपुरम मेें पांच दिन तक क्वारंटीन रखा गया था। उस दौरान वह बहुत निराश थीं, लेकिन उनका हौसला बढ़ाने के साथ-साथ उनको ढाढ़स भी बंधाया गया।
फतेहपुर के तीन मरीजों को भी छुट्टी
कोटवां-बनी स्थित एल-1 हॉस्पिटल के नोडल इंचार्ज डॉ वीके मिश्रा ने बताया कि बुधवार को तीन मरीजों की छुट्टी कर दी गई है। ये तीनों मरीज फतेहपुर के हैं। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनको घर जाने दिया गया।