{"_id":"5d0fddcd8ebc3e5eb83039d9","slug":"prayagraj-city-news-ald247601684","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्राउन पैलेस होटल पैलेस पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्राउन पैलेस होटल पैलेस पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में
विज्ञापन
Prayagraj
- फोटो : CITY DESK
होटल कॉउन पैलेस पर
कार्रवाई ठंडे बस्ते में
0 अधिवक्ताओं के विरोध पर 29 मई को शुरू हुआ था ध्वस्तीकरण
0 मैनुअल गिराया जाना था आवासीय मानचित्र पर बना होटल भवन
प्रयागराज। अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमलों के बाद भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अफसर उनसे जुड़े मामलों में लापरवाही बरत रहे हैं। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या के आरोपी के होटल क्रॉउन पैलेस के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई एक बार फिर ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। वहीं होटल का कार्यालय गुलजार हो गया है। जिला बार के पदाधिकारियों पीडीए की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। इस मुद्दे पर अधिवक्ता जल्द बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।
पिछले साल दस मई को रामबाग निवासी अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में होटल क्रॉउन पैलेस के मालिक को भी नामजद किया गया था। इस वक्त वह जमानत पर हैं। वारदात के ठीक एक वर्ष बाद होटल मालिक ने सील होटल में निर्माण कार्य शुरू कराया था। अमर उजाला ने मामला उठाया तो जिला बार के पदाधिकारियों के साथ अन्य अधिवक्ताओं ने विरोध जताया।
अधिवक्ताओं ने इस संबंध में जिलाधिकारी समेत पीडीए के अफसरों से मुलाकात कर आपत्ति जताई थी। इसके बाद जागे पीडीए के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया कि मानचित्र के विपरीत बने होटल की सील तोड़कर काम कराया गया है। विरोध बढ़ा तो 29 मई को पीडीए के ओएसडी आलोक कुमार पांडेय ने होटल का अग्र भाग ध्वस्त कराया।
विज्ञापन
ओएसडी आलोक पांडेय के मुताबिक आवासीय मानचित्र पर बने होटल के ध्वस्तीकरण का आदेश पहले से पारित है। जहां तक जेसीबी पहुंची वहां तक सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ध्वस्तीकरण कराया गया। अब मैनुअली भवन गिराने का काम किया जाएगा। करीब बीस दिन बीत गए लेकिन कार्रवाई ठप है। जानकारों को मानना है कि बड़ी सिफारिश के कारण पीडीए ने होटल भवन ध्वस्त करने की कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी है। करीब बीस दिन बाद मैनुअली कार्रवाई तो नहीं हुई लेकिन होटल का कार्यालय गुलजार है।
विज्ञापन
कार्रवाई ठंडे बस्ते में
0 अधिवक्ताओं के विरोध पर 29 मई को शुरू हुआ था ध्वस्तीकरण
0 मैनुअल गिराया जाना था आवासीय मानचित्र पर बना होटल भवन
प्रयागराज। अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमलों के बाद भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अफसर उनसे जुड़े मामलों में लापरवाही बरत रहे हैं। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या के आरोपी के होटल क्रॉउन पैलेस के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई एक बार फिर ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। वहीं होटल का कार्यालय गुलजार हो गया है। जिला बार के पदाधिकारियों पीडीए की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। इस मुद्दे पर अधिवक्ता जल्द बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।
पिछले साल दस मई को रामबाग निवासी अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में होटल क्रॉउन पैलेस के मालिक को भी नामजद किया गया था। इस वक्त वह जमानत पर हैं। वारदात के ठीक एक वर्ष बाद होटल मालिक ने सील होटल में निर्माण कार्य शुरू कराया था। अमर उजाला ने मामला उठाया तो जिला बार के पदाधिकारियों के साथ अन्य अधिवक्ताओं ने विरोध जताया।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने इस संबंध में जिलाधिकारी समेत पीडीए के अफसरों से मुलाकात कर आपत्ति जताई थी। इसके बाद जागे पीडीए के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया कि मानचित्र के विपरीत बने होटल की सील तोड़कर काम कराया गया है। विरोध बढ़ा तो 29 मई को पीडीए के ओएसडी आलोक कुमार पांडेय ने होटल का अग्र भाग ध्वस्त कराया।
विज्ञापन
ओएसडी आलोक पांडेय के मुताबिक आवासीय मानचित्र पर बने होटल के ध्वस्तीकरण का आदेश पहले से पारित है। जहां तक जेसीबी पहुंची वहां तक सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ध्वस्तीकरण कराया गया। अब मैनुअली भवन गिराने का काम किया जाएगा। करीब बीस दिन बीत गए लेकिन कार्रवाई ठप है। जानकारों को मानना है कि बड़ी सिफारिश के कारण पीडीए ने होटल भवन ध्वस्त करने की कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी है। करीब बीस दिन बाद मैनुअली कार्रवाई तो नहीं हुई लेकिन होटल का कार्यालय गुलजार है।