{"_id":"5cc0c03ebdec221440030493","slug":"prayagraj-bpcl-retired-sub-manager-found-dead-body","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराजः बीपीसीएल के सेवानिवृत्त उपप्रबंधक की मिली लाश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराजः बीपीसीएल के सेवानिवृत्त उपप्रबंधक की मिली लाश
Thu, 25 Apr 2019 01:30 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 25 Apr 2019 01:30 AM IST
विज्ञापन
naini
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के नए यमुना पुल के नीचे बुधवार सुबह यमुना नदी में एक वृद्ध की लाश पाई गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई तो पता चला कि बीते तीन दिन से लापता चल रहे शुआट्स के प्रोफेसर डा. रंजन ए जान के बड़े भाई राजन हेमलेट मिंटों की वह लाश थी। पुलिस ने प्रोफेसर के घरवालों को खबर दी। घरवाले मौके पर पहुंच गए और उनकी शिनाख्त की। उनकी मौत हत्या और आत्महत्या के बीच में उलझ गई है।
क्षेत्र के एडीए कालोनी निवासी राजन हेमलेट मेंटो जान (65) पुत्र स्वर्गीय पीए जान बीपीसीएल से उपप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी। पत्नी की मौत के बाद वह अकेले पड़ गए थे। गत 22 अप्रैल को वह घर से निकले थे, उसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला। 23 अप्रैल को उनके भाई रिचर्ड एम जान ने नैनी कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उनके एक भाई प्रोफेसर डा. रंजन ए जान शुआट्स में प्रोफेसर हैं। बुधवार को सुबह नैनी नए पुल के नीचे यमुना में उनकी लाश उतराती हुई मिली। उनके शरीर पर पूरे कपड़े थे। शिनाख्त के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम हाउस भेजा। जहां डूबने से मौत की पुष्टि की गई है। जिससे खुदकुशी और हत्या के बीच मामला उलझ कर रह गया है।
विज्ञापन
क्षेत्र के एडीए कालोनी निवासी राजन हेमलेट मेंटो जान (65) पुत्र स्वर्गीय पीए जान बीपीसीएल से उपप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी। पत्नी की मौत के बाद वह अकेले पड़ गए थे। गत 22 अप्रैल को वह घर से निकले थे, उसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला। 23 अप्रैल को उनके भाई रिचर्ड एम जान ने नैनी कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उनके एक भाई प्रोफेसर डा. रंजन ए जान शुआट्स में प्रोफेसर हैं। बुधवार को सुबह नैनी नए पुल के नीचे यमुना में उनकी लाश उतराती हुई मिली। उनके शरीर पर पूरे कपड़े थे। शिनाख्त के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम हाउस भेजा। जहां डूबने से मौत की पुष्टि की गई है। जिससे खुदकुशी और हत्या के बीच मामला उलझ कर रह गया है।
विज्ञापन