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शहर में दमघोंटू हवा का प्रकोप, सांस लेना मुश्किल
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Prayagraj air pollution in starting winter season
- फोटो : CITY DESK
हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिम होने से एनसीआर की धुंध यहां भी मंडराने लगी
सुबह सात बजे ही 310 से ऊपर चला गया एक्यूआई, मार्निंग वार्कर भी परेशान
प्रयागराज। शहर में दमघोंटू हवा का प्रकोप गहराता जा रहा है। सोमवार को दिन भर हवा खराब से खतरनाक स्तर पर पहुंचने को बढ़ती रही। इनमें 310 एक्यूआई के साथ बढ़ा वायु प्रदूषण से सांस लेना मुश्किल रहा। मार्निंग वार्कर ही नहीं आम शहरियों ने भी सांस लेने में दिक्कत की शिकातय की है। विशेषज्ञ इस स्थिति को चिकित्सकीय आपातकाल की दस्तक बता रहे हैं।
सोमवार को चलीं हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिम होने की वजह से स्थिति और विकट हो गई। हवाओं के संग दिल्ली और एनसीआर की धुंध शहर के आसमान में मंडराने लगी है। सुबह से लेकर शाम तक इसका असर देखने को मिला। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) सुबह सात बजे ही 310 से ऊपर चला गया। दिनभर बदरी जैसी स्थिति रही।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शहर के पांच स्थानों पर लगाए गए प्रदूषण मापक यंत्र में सुबह सात बजे ही एक्यूआई का ग्राफ बढ़ता दिखा। जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया, एक्यूआई भी बढ़ता गया। सुबह से हल्के बादल होने की वजह से भी धुंध का असर अधिक रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार इस धुंध में अभी उतनी जलन नहीं है। इससे साफ है कि अभी धुंध में धुएं का असर अभी कम है।
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राहत भरी बात यह रही कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सोमवार को जो रिपोर्ट जारी की उसमें खतरनाक स्थिति में पहुंची जहरीली हवा वाले नौ शहरों में प्रयागराज शामिल नहीं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक हवा में सूक्ष्म कणों की बढ़ती मात्रा वायु प्रदूषण की अति खतरनाक स्थिति तक पहुंचाने लगी है।
धुंध और बढ़ी, दृश्यता घटी
-दोपहर में सिर्फ 1.5 किलोमीटर ही रही दृश्यता
शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को धुंध इतनी अधिक बढ़ गई कि विजीबिलिटी (दृश्यता) सिर्फ डेढ़ किलोमीटर तक सिमट गई। अमूमन पांच से छह किलोमीटर की दृश्यता करीब 75 फीसदी घटने से लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। हाईवे पर वाहन चालक हेड लाइट जलाकर चले।
वायु सेना के मौसम विभाग के अनुसार दृश्यता की सामान्य स्थिति 5 से 6 किलोमीटर है। पहली बार दृश्यता इतनी कम हुई है। अगले 10 नवंबर तक बादल बने रहने के आसार हैं। इस वजह से धुंध का असर रहने की संभावना भी है। इस कारण दृश्यता और प्रभावित हो सकती है। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार में भी करीब 50 प्रतिशत की कमी आंकी गई। दिन में वाहनों की लाइट जलानी पड़ रही है। शाम चार बजे के बाद अंधेरे जैसी स्थिति हो गई। आंख की कमजोर रोशनी वालों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं बम्हरौली हवाई अड्डे पर भी दृश्यता कम होने से कई उड़ाने विलंबित हुईं।
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सुबह सात बजे ही 310 से ऊपर चला गया एक्यूआई, मार्निंग वार्कर भी परेशान
प्रयागराज। शहर में दमघोंटू हवा का प्रकोप गहराता जा रहा है। सोमवार को दिन भर हवा खराब से खतरनाक स्तर पर पहुंचने को बढ़ती रही। इनमें 310 एक्यूआई के साथ बढ़ा वायु प्रदूषण से सांस लेना मुश्किल रहा। मार्निंग वार्कर ही नहीं आम शहरियों ने भी सांस लेने में दिक्कत की शिकातय की है। विशेषज्ञ इस स्थिति को चिकित्सकीय आपातकाल की दस्तक बता रहे हैं।
सोमवार को चलीं हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिम होने की वजह से स्थिति और विकट हो गई। हवाओं के संग दिल्ली और एनसीआर की धुंध शहर के आसमान में मंडराने लगी है। सुबह से लेकर शाम तक इसका असर देखने को मिला। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) सुबह सात बजे ही 310 से ऊपर चला गया। दिनभर बदरी जैसी स्थिति रही।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शहर के पांच स्थानों पर लगाए गए प्रदूषण मापक यंत्र में सुबह सात बजे ही एक्यूआई का ग्राफ बढ़ता दिखा। जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया, एक्यूआई भी बढ़ता गया। सुबह से हल्के बादल होने की वजह से भी धुंध का असर अधिक रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार इस धुंध में अभी उतनी जलन नहीं है। इससे साफ है कि अभी धुंध में धुएं का असर अभी कम है।
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राहत भरी बात यह रही कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सोमवार को जो रिपोर्ट जारी की उसमें खतरनाक स्थिति में पहुंची जहरीली हवा वाले नौ शहरों में प्रयागराज शामिल नहीं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक हवा में सूक्ष्म कणों की बढ़ती मात्रा वायु प्रदूषण की अति खतरनाक स्थिति तक पहुंचाने लगी है।
धुंध और बढ़ी, दृश्यता घटी
-दोपहर में सिर्फ 1.5 किलोमीटर ही रही दृश्यता
शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को धुंध इतनी अधिक बढ़ गई कि विजीबिलिटी (दृश्यता) सिर्फ डेढ़ किलोमीटर तक सिमट गई। अमूमन पांच से छह किलोमीटर की दृश्यता करीब 75 फीसदी घटने से लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। हाईवे पर वाहन चालक हेड लाइट जलाकर चले।
वायु सेना के मौसम विभाग के अनुसार दृश्यता की सामान्य स्थिति 5 से 6 किलोमीटर है। पहली बार दृश्यता इतनी कम हुई है। अगले 10 नवंबर तक बादल बने रहने के आसार हैं। इस वजह से धुंध का असर रहने की संभावना भी है। इस कारण दृश्यता और प्रभावित हो सकती है। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार में भी करीब 50 प्रतिशत की कमी आंकी गई। दिन में वाहनों की लाइट जलानी पड़ रही है। शाम चार बजे के बाद अंधेरे जैसी स्थिति हो गई। आंख की कमजोर रोशनी वालों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं बम्हरौली हवाई अड्डे पर भी दृश्यता कम होने से कई उड़ाने विलंबित हुईं।

Prayagraj air pollution in starting winter season- फोटो : CITY DESK

Prayagraj air pollution in starting winter season- फोटो : CITY DESK