{"_id":"5f611710791747310d7edd39","slug":"prayagaraj-news-no-third-clue-of-a-young-man-who-was-found-in-a-lake-even-a-clue-returned-from-rewa","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagaraj News: झील में समाए युवक का तीसरे दिन भी नहीं लगा सुराग, रीवा से निराश लौटे परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagaraj News: झील में समाए युवक का तीसरे दिन भी नहीं लगा सुराग, रीवा से निराश लौटे परिजन
Wed, 16 Sep 2020 01:03 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 16 Sep 2020 01:03 AM IST
विज्ञापन
झरना।
- फोटो : अमर उजाला
रीवा के क्योटी जलप्रपपात में नहाते वक्त डूबे सुलेमसराय निवासी गोलू पासी का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला। सुबह एक बार फिर पहुंचे परिजनों ने स्थानीय गोताखारों की मदद से दिन भर खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। निराश होकर परिजन देर रात घर लौट आए।
सुलेमसराय में ताड़बाग का रहने वाला गोलू(22) पेंटिंग का काम करता था। मां सोनी देवी ने बताया कि रविवार को वह परिवारवालों के साथ क्योटी जलप्रपात पर पिकनिक मनाने रीवा गया था। दोपहर बाद सूचना आई कि वह नहाते वक्त झील में डूब गया है। जिसके बाद रात में ही वह अन्य परिजनों संग पहुंचीं। जिसके बाद अगले दिन सुबह से लेकर शाम तक तलाश होती रही लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। मंगलवार को भी वह अपने रिश्तेदारों व बेटियों संग वहां पहुंचकर दिन भर खोजबीन में जुटी रही लेकिन बेटे का कुछ पता नहीं चला।
भाई सचिन ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगोंने बताया कि सुबह झरने से एक शव नीचे झील में गिरा था। स्थानीय गोताखारेों ने बताया कि झरने से गिरने वाले शवों को उतराकर पानी के उऊपर आने में 24 घंटे का वक्त लगता है। ऐसे में हो सकता है कि बुधवार तक शव मिल जाए। सोनी ने बताया कि गोलू के पिता का निधन हो चुका है। घर में दो बहनें व एक भाई है। हादसे के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुलेमसराय में ताड़बाग का रहने वाला गोलू(22) पेंटिंग का काम करता था। मां सोनी देवी ने बताया कि रविवार को वह परिवारवालों के साथ क्योटी जलप्रपात पर पिकनिक मनाने रीवा गया था। दोपहर बाद सूचना आई कि वह नहाते वक्त झील में डूब गया है। जिसके बाद रात में ही वह अन्य परिजनों संग पहुंचीं। जिसके बाद अगले दिन सुबह से लेकर शाम तक तलाश होती रही लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। मंगलवार को भी वह अपने रिश्तेदारों व बेटियों संग वहां पहुंचकर दिन भर खोजबीन में जुटी रही लेकिन बेटे का कुछ पता नहीं चला।
विज्ञापन
भाई सचिन ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगोंने बताया कि सुबह झरने से एक शव नीचे झील में गिरा था। स्थानीय गोताखारेों ने बताया कि झरने से गिरने वाले शवों को उतराकर पानी के उऊपर आने में 24 घंटे का वक्त लगता है। ऐसे में हो सकता है कि बुधवार तक शव मिल जाए। सोनी ने बताया कि गोलू के पिता का निधन हो चुका है। घर में दो बहनें व एक भाई है। हादसे के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है।
विज्ञापन