Prayagaj Airport : एयरपोर्ट पर कभी बैठने तक की जगह नहीं थी, अब छायी वीरानी, एक भी विमान की आवाजाही नहीं
एक समय ऐसा भी था जब यात्रियों को एयरपोर्ट पर बैठने तक की जगह नहीं मिलती थी। तमाम लोग फर्श पर ही बैठ जाते थे। अब उसी जगह वीरानी छायी हुई है। महाकुंभ से पहले 231 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नया टर्मिनल 28 फरवरी के बाद से बंद है।
विस्तार
एक समय ऐसा भी था जब यात्रियों को एयरपोर्ट पर बैठने तक की जगह नहीं मिलती थी। तमाम लोग फर्श पर ही बैठ जाते थे। अब उसी जगह वीरानी छायी हुई है। महाकुंभ से पहले 231 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नया टर्मिनल 28 फरवरी के बाद से बंद है। यहां से एक भी विमान की आवाजाही नहीं हो रही है।
इसी टर्मिनल बिल्डिंग के सहारे महाकुंभ के दौरान 24 घंटे विमानों का आवागमन हुआ। महाकुंभ संपन्न होने के साथ ही जहाजों का मेला भी उड़ गया। शनिवार एक मार्च से प्रयागराज एयरपोर्ट से चुनिंदा शहरों के लिए ही सीधी विमान सेवा उपलब्ध है। स्पाइस जेट, स्टार एयर एवं एयर इंडिया ने 28 फरवरी को ही अपना बोरिया बिस्तर समेट लिया। एलाइंस एयर अब दिल्ली की एक नियमित और बिलासपुर की सप्ताह में दो दिन उड़ान संचालित कर रहा है। वहीं, इंडिगो की बंगलूरू और मुंबई जाने वाली उड़ान जो हर रोज संचालित हो रही थी उसके भी फेरे अब घटा दिए गए हैं।
प्रयागराज एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य शिवशंकर सिंह का कहना है कि मेरी समझ में ही नहीं आ रहा है कि जब एयरपोर्ट से मात्र पांच-छह शहरों के लिए ही विमान सेवा देनी है तो करोड़ों खर्च करके नया टर्मिनल क्यों बनाया गया। एक अन्य सदस्य विक्रमजीत सिंह भदौरिया ने कहा कि यहां रात के समय विमान संचालन के लिए आवश्यक उपकरण है। लेकिन, रात्रिकालीन सेवा ठप है।
जनवरी-फरवरी में 5.94 लाख तो मार्च-अप्रैल में अब तक 81 हजार का आवागमन
जनवरी में 1.23 लाख यात्रियों की विमानों से आवाजाही हुई। फरवरी में यह आंकड़ा बढ़कर 4.71 लाख पहुंच गया। दो माह में यहां 5.94 लाख यात्रियों की आवाजाही हुई। वहीं, मार्च में आंकड़ा गिरकर 56,027 पर पहुंच गया। वहीं अप्रैल 25 में 17 अप्रैल तक 25 हजार यात्रियों की ही आवाजाही हुई है। इस तरह से मार्च-अप्रैल में 81 हजार यात्रियों का ही एयरपोर्ट में आवागमन हुआ।
विमानन कंपनियों से कहा गया है कि वह एयरपोर्ट से कुछ अन्य शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू करें। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यहां से कुछ नई उड़ान शुरू हो सकती है। - मुकेश उपाध्याय, निदेशक प्रयागराज एयरपोर्ट।