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Railway News : प्रतापगढ़, ऊंचाहार एवं जंघई तक होगी डबल लाइन, उत्तर रेलवे की महाकुंभ तक दोहरीकरण की तैयारी
Sat, 14 Jan 2023 07:39 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 14 Jan 2023 07:39 PM IST
सार
संगम नगरी के आसपास रेल ट्रैक दोहरीकरण का जाल बिछेगा। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने तीन रूट चिह्नित किए गए हैं। फाफामऊ से जंघई, फाफामऊ से ऊंचाहार और फाफामऊ-प्रतापगढ़ रेल मार्ग का दोहरीकरण होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : shutterstock
विस्तार
संगम नगरी के आसपास रेल ट्रैक दोहरीकरण का जाल बिछेगा। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने तीन रूट चिह्नित किए गए हैं। फाफामऊ से जंघई, फाफामऊ से ऊंचाहार और फाफामऊ-प्रतापगढ़ रेल मार्ग का दोहरीकरण होगा। कुंभ से पहले यह कार्य पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। प्रयागराज से जंघई की दूरी 56 किमी, ऊंचाहार की 81 और प्रतापगढ़ की रेलमार्ग से कुल दूरी 55 किलोमीटर है। जंघई रेल मार्ग वाराणसी को, ऊंचाहार रेलमार्ग लखनऊ एवं कानपुर को एवं प्रतापगढ़ रेल मार्ग अयोध्या को सीधे जोड़ता है। वर्तमान समय इन सभी रेलमार्ग का रेल विद्युतीकरण हो चुका है।
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इससे ट्रेनों की स्पीड में भी सुधार हुआ है, लेकिन सिंगल ट्रैक होने की वजह से अगर दोनों ओर से ट्रेनें आ रही हैं तो किसी एक स्टेशन पर एक ट्रेन को रोककर दूसरी ट्रेन निकाली जाती है। इस वजह से लेटलतीफी बढ़ जाती है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने इसका प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेजा है। बताया जा रहा है कि आम बजट में महाकुंभ के मद्देनजर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। लखनऊ मंडल के डीआरएम सुरेश कुमार सपरा ने भी इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि बोर्ड की मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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प्रयागराज से फाफामऊ का पहले ही हो चुका है दोहरीकरण
प्रयागराज जंक्शन से फाफामऊ जंक्शन के बीच दोहरीकरण पहले ही किया जा चुका है। इसकी कुल दूरी नौ किलोमीटर की है। इस वजह से अब प्रयाग एवं फाफामऊ में ट्रेनें नहीं फंसती हैं। रेलवे की तैयारी है कि दोहरीकरण का कार्य प्रमुखता से किया जाए।
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