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Pratapgarh News: एक माह बाद ही बाजार में आएगा बेल्हा का आलू
Mon, 09 Nov 2020 01:56 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 09 Nov 2020 01:56 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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जिले में पैदा होने वाले आलू के लिए अभी एक माह इंतजार करना होगा। आलू की अगैती फसल पंद्रह दिसंबर के बाद ही बाजार में आएगी। इसके बाद ही आलू के दाम कम होने की संभावना जताई जा रही है। तब तक लोगों को बाहर से आने वाले आलू के भरोसे ही रहना होगा।
जिले में हर साल करीब 87 हजार मीट्रिक टन आलू की पैदावार होती है। इस बार किसानों ने 31 हजार टन आलू कोल्ड स्टोरेज में डंप कर रखा था। जिले में विकासखंड लक्ष्मणपुर, मानधाता, गौरा, शिवगढ़ में आलू की खेती करने वाले किसान सब्जियों और गेहूं की फसल भी तैयार करते हैं। वैसे तो आमतौर पर आलू की फसल जनवरी माह की शुरुआत में ही तैयार होती है, लेकिन 60 दिन में तैयार होने वाले आलू की अगैती फसल 15 दिसंबर तक बाजार में आने की संभावना बनी रहती है।
यदि मौसम खराब नहीं होता तो दिसंबर की शुरुआत में आलू की खुदाई होने लगती है। मानधाता इलाके के आलू व्यापारी रामलखन पटेल ने बताया कि 15 दिसंबर तक आलू की खोदाई होगी। स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाला आलू बाजार में आने के बाद इसके दाम गिरेंगे। हालांकि इससे पहले फतेहपुर, पंजाब, कन्नौज समेत पश्चिमी जनपदों से आलू आने के बाद भी दाम में कमी आ सकती है। जनपद के अलावा प्रयागराज के मऊआइमा व सोरांव से भी स्थानीय आलू की खेप आती है।
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जिले में हर साल करीब 87 हजार मीट्रिक टन आलू की पैदावार होती है। इस बार किसानों ने 31 हजार टन आलू कोल्ड स्टोरेज में डंप कर रखा था। जिले में विकासखंड लक्ष्मणपुर, मानधाता, गौरा, शिवगढ़ में आलू की खेती करने वाले किसान सब्जियों और गेहूं की फसल भी तैयार करते हैं। वैसे तो आमतौर पर आलू की फसल जनवरी माह की शुरुआत में ही तैयार होती है, लेकिन 60 दिन में तैयार होने वाले आलू की अगैती फसल 15 दिसंबर तक बाजार में आने की संभावना बनी रहती है।
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यदि मौसम खराब नहीं होता तो दिसंबर की शुरुआत में आलू की खुदाई होने लगती है। मानधाता इलाके के आलू व्यापारी रामलखन पटेल ने बताया कि 15 दिसंबर तक आलू की खोदाई होगी। स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाला आलू बाजार में आने के बाद इसके दाम गिरेंगे। हालांकि इससे पहले फतेहपुर, पंजाब, कन्नौज समेत पश्चिमी जनपदों से आलू आने के बाद भी दाम में कमी आ सकती है। जनपद के अलावा प्रयागराज के मऊआइमा व सोरांव से भी स्थानीय आलू की खेप आती है।
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