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Prayagraj News: आलू... लागत निकालने के लाले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:53 AM IST
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Potatoes... hard to recover the cost
सब्जियों का राजा कहा जाने वाला आलू किसानों का दम निकाल रहा है। बहरिया क्षेत्र में किसान व्यापारियों का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस बार बाजार मंदा है। दम कम होने से आलू का लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
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किसानों के अनुसार, एक बीघा में आलू की बोआई में करीब 30 हजार रुपये की लागत आती है। बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी महंगी होने से खर्च बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि बोआई के समय आलू 1400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा था। अब बेचने की बारी आई तो कीमत 600 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है।
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किसानों ने बताया कि कोल्ड स्टोर में आलू रखने का किराया भी अधिक है। एक क्विंटल पर करीब 350 रुपये खर्च होते हैं। बोरी और पल्लेदारी अलग से देनी पड़ती है। जिस वजह से आलू की लागत और बढ़ जाती है। किसानों ने सरकार से आलू का न्यूनतम मूल्य (एमएसपी) तय करने की मांग की है ताकि उनकी लागत निकल सके।
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वर्जन
हम लोगों ने सोचा था कि आलू का रेट अच्छा होगा तो बेचकर मकान बनाएंगे। अब आलू का भाव कम होने से दिक्कत हो गई है।- सालिक राम पटेल, बराबीर कहली
आलू का भाव कम होने से फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। जिस वजह से किसान परेशान हैं। - दिनेश कुमार पटेल, शीतलापुर
महंगाई में आलू भी दगा दे गया है। दाम कम होने की वजह से लागत निकालने में परेशानी हो रही है। महंगी डीएपी खाद की वजह से आलू बोते समय दिक्कत हुई। - ज्ञान प्रकाश पटेल, कुशहरा कहली।

हमारे खेत में आलू की पैदावार अधिक है लेकिन अच्छा भाव ही नहीं मिल रहा है। क्षेत्र के किसान परेशान हैं। उन्हें चिंता है कि अगली फसल कैसे बोई जाएगी। - अयोध्या प्रसाद पटेल, कुशहरा कहली।
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