फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   polls of schools opening in online class excuse for board exams

ऑनलाइन क्लास में खुल रही स्कूलों की पोल, बोर्ड से कर रहे बहाना

Fri, 10 Apr 2020 09:36 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2020 09:36 PM IST
विज्ञापन
polls of schools opening in online class excuse for board exams
कई स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई, इसलिए अब तक शुरू नहीं हो सकी क्योंकि उनके यहां कक्षाओं में 40 से अधिक बच्चे हैं। दरअसल, ऑनलाइन क्लास में एक साथ केवल 40 बच्चे ही पढ़ सकते हैं। इससे इन स्कूलों की पोल खुल जाएगी। बढ़े छात्रों की संख्या बोर्ड से छिपाने के लिए नेटवर्क कमजोर होने का बहाना बनाकर कक्षाओं को ऑनलाइन नहीं किया जा रहा है। बोर्ड बार-बार ऑनलाइन क्लास शुरू करने को कह रहा है, जबकि इसमें कई स्कूलों की ओर से कोई प्रगति नहीं है।
विज्ञापन

सीबीएसई की ओर से जो एप डाउनलोड कर क्लास कराने की व्यवस्था की गई है, उसमें 35 से 40 विद्यार्थी ही एक बार में आ सकते हैं। 40 से अधिक विद्यार्थी होंगे तो एप काम नहीं करेगा। ऐसे में कई स्कूलों को यह परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्कूल के शिक्षक अपने-अपने घरों से ही एप से सभी बच्चों को जोड़कर पढ़ा रहे हैं। एक ही क्लास के दूसरे बच्चे ऑनलाइन कैसे करें, इसके लिए स्कूल वाले व्यवस्था कर रहे हैं। कुछ स्कूल बच्चों को अल्टरनेट क्लास की सुविधा दे रहे हैं, आधे बच्चे को एक दिन आधे बच्चों को दूसरे दिन पढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ स्कूलों के शिक्षक वीडियो तैयार कर बच्चों को भेज रहे हैं, जिससे वीडियो से संबंधित चैप्टर की पढ़ाई हो सके।
विज्ञापन

बोर्ड को प्रतिदिन भेजनी है रिपोर्ट
ऑनलाइन क्लास की रिपोर्ट सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड को रोज भेजनी होगी। अप्रैल में कितने दिन ऑनलाइन क्लास चलीं, कितने छात्र-छात्राएं शामिल हुए सब बताना होगा। इस दौरान कौन-कौन टीचर ऑनलाइन क्लास में बच्चों से जुड़े, इसकी भी जानकारी भेजनी होगी। स्कूल को यह भी बताना होगा कि ऑनलाइन क्लास में शिक्षक ने किस तकनीक से शिक्षण कार्य किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूलों को देनी होगी एक्टिविटी रिपोर्ट
अप्रैल माह में स्कूलों की ओर से कितनी ऑनलाइन गतिविधियों (एक्टिविटी) का संचालन हुआ, इसकी सूची तैयार करके बोर्ड को भेजनी होगी। पढ़ाई के अलावा स्कूलों ने कितनी गतिविधि कराई। स्कूलों को बच्चों को कुछ ऐसी गतिविधियों में लगाना है, जो वह घर बैठे कर सकें और इससे बच्चों में क्रिएटिविटी का विकास हो। सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड ने अपने आदेश में कहा था कि स्कूलों में पढ़ाई नहीं बल्कि बच्चों में क्रिएटिव एक्टिविटी बढ़ाई जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed