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पुलिस ने कब्जे में ली महंत के कमरे से मिली तीन बंदूकें

Sun, 24 Nov 2019 12:57 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 12:57 AM IST
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Police took three guns from Mahant's room
प्रयागराज। दारागंज में निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध हाल में मौत के मामले में शनिवार को पुलिस एक बार फिर आश्रम पहुंची। यहां उसे महंत के कमरे से तीन बंदूकें मिलीं, जिसे कब्जे में ले लिया गया। यही नहीं कारतूस के 60-70 खोखे भी पुलिस अपने साथ ले गई। मामले में पुलिस का यही कहना है कि जांच जारी है।
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महंत आशीष गिरि की 17 नवंबर की सुबह संदिग्ध हाल में मौत के बाद आश्रम में हड़कंप मच गया था। गोली लगने से उनकी मौत हुई थी और शव के बगल में ही पिस्टल पड़ी मिली थी। फौरी जांच के बाद पुलिस ने इसे खुदकुशी का मामला बताया था। हालांकि घटनास्थल के हालात से मामले को लेकर कई तरह के सवाल भी खड़े हुए थे। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शनिवार को एक बार फिर दारागंज पुलिस आश्रम पहुंची और महंत के कमरे में जांच पड़ताल शुरू की। इस दौरान वहां मिली तीन दोनाली बंदूकों को कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही मौके से बड़ी मात्रा में कारतूस के खोखे भी बरामद हुए। रहवासियों से पूछताछ की गई लेकिन कोई यह नहीं बता सका कि इतनी ज्यादा मात्रा में खोखे कहां से आए। फिलहाल बंदूक व खोखों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। दारागंज एसओ का कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है।
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वकीलों ने उठाई रिपोर्ट दर्ज करने की मांग
प्रयागराज। उधर शनिवार को हाईकोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं ने डीआईजी व एसएसपी कार्यालय पहुंचकर मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ लोग धार्मिक संस्थानों पर कब्जा कर अखाड़ों की करोड़ों की संपत्तियों का वारा-न्यारा करने में लगे हैं। घटना के बाद मौके पर महंत मृत हालत में औंधे मुंह पड़े पाए गए थे, जो खुद को नजदीक से गोली मारने की दशा में संभव नहीं है। आरोप लगाया कि दबाव के कारण ही पुलिस ने 174 सीआरपीसी के प्रावधानों का भी पालन नहीं किया। न ही इसके तहत दारागंज पुलिस ने रिपोर्ट प्रेषित की व न ही समस्त प्रक्रिया का अनुमोदन सक्षम मजिस्ट्रेट से कराया गया। ज्ञापन में रिपोर्ट दर्ज करने, महंत के कमरे की फोरेंसिक जांच करवाने व अखाड़े की संपत्तियों के बेचे जाने की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की गई। अधिवक्ताओं ने बताया कि मांगपत्र सीएम, डीजपी, एडीजी व आईजी को भी भेजा गया है।
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