फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Police filing chargesheet indiscriminately without proper investigation, court expressed displeasure

हाईकोर्ट : उचित जांच के बिना अंधाधुंध तरीके से आरोप पत्र दाखिल कर रही पुलिस, कोर्ट ने जताई नाराजगी

Thu, 23 May 2024 05:30 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 23 May 2024 05:30 AM IST
सार

कोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई के दौरान पाया कि हत्या की धाराओं में दर्ज मुकदमे को बिना किसी ठोस आधार के हत्या के लिए उकसाने की धाराओं में परिवर्तित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। कोर्ट ने इसे चिंताजनक माना और जांच अधिकारी को प्रशिक्षण देने के लिए निर्देश दिया।

विज्ञापन
Police filing chargesheet indiscriminately without proper investigation, court expressed displeasure
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस बिना किसी उचित जांच के अंधाधुंध तरीके से आरोप पत्र दाखिल कर रही है। कोर्ट ने चिंता जताते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया कि वह जांच की कमियों को दूर करने के लिए दिशानिर्देश जारी करें।

विज्ञापन


कोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई के दौरान पाया कि हत्या की धाराओं में दर्ज मुकदमे को बिना किसी ठोस आधार के हत्या के लिए उकसाने की धाराओं में परिवर्तित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। कोर्ट ने इसे चिंताजनक माना और जांच अधिकारी को प्रशिक्षण देने के लिए निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की कोर्ट ने भूदेव व सूरज सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया।
विज्ञापन


मामले में जिला आगरा, थाना शाहगंज में भूदेव पर हत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं जिला फरुखाबाद, थाना शम्शाबाद में सूरज सिंह पर भी हत्या के लिए उकसाने की धारा सहित अन्य में मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत की अपील दायर की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पाया कि जांच अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन मनमानी तरीके से कर रहे हैं। हत्या की धाराओं में दर्ज मुकदमे को बिना किसी ठोस सबूत के हत्या के लिए उकसाने की धारा में बदल दे रहे हैं। कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी बिना किसी आधार पर अपराध को विभिन्न धाराओं में परिवर्तित कर रहे हैं, वे रिपोर्ट में कारण का भी जिक्र नहीं कर रहे हैं। 

कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक को जांच की कमियों को दूर करने के लिए निर्देश जारी किया है। साथ ही पुलिस आयुक्त आगरा को निर्देश दिया कि संबंधित जांच अधिकारी को हत्या के मामलों की जांच में कुशल बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए। जब तक प्रशिक्षण न हो उसे कोई जांच न सौंपी जाए। वहीं, कोर्ट ने दोनों जमानत अर्जियों को सशर्त स्वीकार कर लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed