कोरांव मर्डर केस : पुलिस को छानबीन में लूट और चोरी के नहीं मिले निशान, आशनाई पर पुलिस की नजर
मृतका के घर में दाखिल होने के दो रास्ते हैं। इसमें पहला मुख्य रास्ता है, जिससे भीतर जाने पर पहले जेठानी शबनम का और फिर मृतका का कमरा पड़ता है। पीछे के रास्ते से जाने पर दो कमरों के बाद मृतका का कमरा पड़ता है। सभी कमरे आपस में जुड़े हुए हैं।
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बड़ोखर में विवाहिता की नृशंस हत्या के मामले में वजह देर रात तक साफ नहीं हो सकी। हालांकि, लूट-चोरी के निशान नहीं मिलने पर शक की सुई आशनाई के एंगल पर भी घूम गई है। पारिवारिक विवाद के बिंदु पर भी जांच पड़ताल की जा रही है।
मृतका के घर में दाखिल होने के दो रास्ते हैं। इसमें पहला मुख्य रास्ता है, जिससे भीतर जाने पर पहले जेठानी शबनम का और फिर मृतका का कमरा पड़ता है। पीछे के रास्ते से जाने पर दो कमरों के बाद मृतका का कमरा पड़ता है। सभी कमरे आपस में जुड़े हुए हैं।
शुक्रवार रात भी दोनों अपने कमरों में ही सोए हुए थे। शबनम ने बताया कि शबा का कमरा उसके कमरे से ठीक सटा हुआ है। भोर में वह उठी तो शबा का कमरा भीतर से बंद था। लेकिन जब वह पीछे के रास्ते पर गई तो दरवाजा खुला मिला। इसके बाद दो अन्य कमरों से होते हुए वह मृतका के कमरे में पहुंची तो तीनों के दरवाजे खुले मिले।
जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने पाया कि घर में किसी के जबरदस्ती घुसने के निशान नहीं हैं। लूटपाट या चोरी का भी कोई निशान या सबूत नहीं मिला। मायकेवाले भी किसी रंजिश के बाबत कुछ बता नहीं सके। इसके बाद पुलिस की जांच आशनाई के बिंदु की ओर घूम गई।
बड़ा सवाल, किसने खोला दरवाजा?
पुलिस सूत्रों की मानें तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि पीछे के रास्ते का दरवाजा किसने खोला। घटना के वक्त घर में सिर्फ दो ही लोग थे। इनमें से एक की मौत हो चुकी है जबकि जेठानी का कहना है कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं। पुलिस का कहना है कि घर की बनावट ऐसी है कि बिना दरवाजा खुले घर में दाखिल होना संभव नहीं लगता। सीओ अमिता सिंह का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
हत्यारों ने मोबाइल को नहीं लगाया हाथ
इस मामले में एक खास बात यह रही कि हत्यारों ने मृतका के मोबाइल को हाथ तक नहीं लगाया। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो उसका मोबाइल मौके पर ही पड़ा मिला। जिसके बाद इसे कब्जे में ले लिया गया। पुलिस कॉल डिटेल रिपोर्ट निकलवाने में जुटी है।
10.30 बजे तक जाग रही थी शबा
सूत्रों का कहना है कि मृतका के मोबाइल की जांच पड़ताल से पता चला है कि रात 10.30 बजे तक वह जाग रही थी। जेठानी शबनम ने भी बताया है कि 10.30 बजे तक उसकी बच्ची संग खेलने की आवाजें आ रही थीं। रात 11.30 बजे के करीब उसके मोबाइल पर एक मिस्ड कॉल थी। इसके बाद शनिवार भोर में 4.30 बजे के करीब जेठानी की मिस्ड कॉल थी। पूछताछ में जेठानी ने बताया कि कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी जवाब नहीं मिला तो उसने शबा के मोबाइल पर कॉल की लेकिन फोन नहीं रिसीव हुआ।
दो से तीन लोग थे शामिल
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हत्या को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे आशंका है कि वारदात में कम से दो या तीन लोग शामिल रहे होंगे। मृतका के गले पर गहरे जख्म का निशान है जो किसी किसी धारदार हथियार के वार किए जाने का है। इसके अलावा शरीर पर कोई चोट का नहीं है। कपड़े भी अस्त-व्यस्त नहीं थे ऐसे में पुलिस दुष्कर्म या छेड़छाड़ की आशंका से भी इंकार करती रही।
नौ महीने पहले देवर की कुएं में मिली थी लाश
मृतका के देवर सरताज की नौ महीने पहले संदिग्ध हाल में मौत हुई थी। दीपावली के दिन उसका शव गांव में ही स्थित कुएं में मिला था। पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की बात सामने आई थी। हालांकि शनिवार को मौके पर जुटे परिजनों ने हत्या कर लाश फेंके जाने का आरोप लगाया।
ताबड़तोड़ हुए थे वार, कट गई थी गर्दन की नसें
उधर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान पता चला कि हत्यारों के सिर पर खून सवार था। मृतका के गले पर ताबड़तोड़ वार किए गए थे जिससे उसकी गर्दन की नसें कट गई थीं। उसकी गर्दन में दाहिनी ओर गहरा जख्म था। बहुत ज्यादा खून बहने के चलते वह कोमा में भी चली गई थी। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। इसके साथ ही मृतका के वैजाइनल स्वैब की स्लाइड भी सुरक्षित रख ली गई। पोस्टमार्टम के बाद पिता समेत अन्य परिजन शव लेकर रवाना हो गए।
पंचायतनामे की कार्रवाई में देरी के कारण शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित ने बताया कि महिला का पति रविवार सुबह तक पहुंचेगा। इसके बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।