डा. बंसल हत्याकांड का मुख्य आरोपी आलोक सिन्हा गिरफ्तार, 50 हजार का था इनामी
एसटीएफ ने बुधवार की शाम बंसल हत्याकांड के मुख्य आरोपी आलोक सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया। 50 हजार का इनामी आलोक हत्याकांड के बाद से ही फरार चल रहा था। उसने हत्या के लिए शूटरों को 70 लाख की सुपारी दी थी। पुलिस ने कुछ महीने पहले एक शूटर को पकड़कर मामले का खुलासा किया था। आलोक को नामजद करते हुए उसे खोज रही थी। डा. बंसल ने बेटे के एडमीशन विवाद में आलोक को जेल भेजवा दिया था। इसी खुन्नस में आलोक ने शूटरों से हत्या करवा दी।
रामबाग स्थित जीवन ज्योति नर्सिंग होम के मालिक डा. एके बंसल की 12 जनवरी 2017 को उनके ही चैंबर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के करीब सवा चार साल बाद अप्रैल महीने में एसटीएफ ने मामले का खुलासा करते हुए शूटर शोएब को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों के साथ आलोक सिन्हा को नामजद किया गया था। शासन ने आलोक पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया था। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि बुधवार को टीम ने कीडगंज स्थित परेड ग्राउंड से आलोक सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया। वह फार्च्यूनर गाड़ी से किसी से मिलने आया था।
पूछताछ में उसने बताया कि गाजियाबाद में कोचिंग चलाने के दौरान बड़े बड़े प्राइवेट मेडिकल कालेजों में जान पहचान हो गई थी। बंसल के बेटे अर्पित का डीएम नेफ्रोलजी में एडमीशन कराने के लिए उसने 55 लाख लिए थे। आलोक के मुताबिक जब वह एडमीशन नहीं करा पाया तो बंसल ने रुपये वापसी के लिए तरह तरह दबाव बनाया। जब वह पैसा नहीं लौटा पाया तो सिविल लाइंस थाने में एफआईआर कराके उसे जेल भेज दिया। जेल में आलोक की मुलाकात बंसल के एक और दुश्मन दिलीप मिश्रा और अख्तर कटरा समेत कई अपराधियों से हुई। दिलीप ने अख्तर कटरा से बात कर शूटर मुहैया करा दिए। शूटरों को 70 लाख दिए गए और बंसल को उनके ही चैंबर में गोलियों से भून दिया गया।
आलोक ने डा. बंसल की हत्या के लिए शूटरों को 70 लाख की सुपारी दी थी। बंसल ने आलोक को धोखाधड़ी में जेल भिजवाया। वहीं पर बंसल के एक और दुश्मन दिलीप मिश्रा के साथ मिलकर आलोक ने हत्या की साजिश रची और शूटरों से डा. बंसल की हत्या करा दी। उसे कीडगंज थाने में दाखिल किया गया है। बृहस्पतिवार को उसे जेल भेजा जाएगा। नवेंदु सिंह, डिप्टी एसपी
डॉ बंसल हत्याकांड में डॉ वंदना का बयान
डॉ. एके बंसल की हत्या के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी खुशी की बात है। इससे डॉ. बंसल के जाने का दुख तो कम तो नहीं होगा, लेकिन फौरी तौर पर सुकून मिला है। एसटीएफ की सक्रियता से हत्यारोपी गिरफ्त में आए हैं, लेकिन कई चीजें अभी उलझी हैं। डॉ. बंसल की हत्या का सच सामने लाया जाए। इस षड़यंत्र में जो लोग पकड़े गए हैं, उनके साथी कौन हैं। इस मामले में असली षड़यंत्रकारी कौन है। पर्दे के पीछे कौन-कौन है, यह सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। वास्तविकता जानने के लिए हम ही नहीं हमारे बच्चे भी बेचैन हैं। डॉ. बंसल ने सदैव लोगों की मदद की, मरीजों से सरलता से पेश आए, कभी किसी को ठेस नहीं पहुंचाई। हमें सच जानने की जिज्ञासा है। - डॉ. वंदना बंसल, निदेशक जीवन ज्योति अस्पताल, डॉ. एके बंसल की पत्नी
12 जनवरी 2017 को चैंबर में घुसकर मारी गई थी गोली
प्रयागराज में रामबाग स्थित जीवन ज्योति हास्पिट के मालिक डॉ बंसल की हत्या 12 जनवरी 2017 को सरेशाम उनके चैंबर में गोली मारकर कर दी गई थी। एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि उनकी टीम ने प्रतापगढ़ में 2018 में हुई एक घटना में शामिल 50 हजार के इनामी बदमाश शोएब को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। सोमवार को शोएब के लखनऊ आने की सूचना मिली। जिस पर पुलिस उपाधीक्षक दीपक सिंह और इंस्पेक्टर हेमंत भूषण सिंह व अन्य की टीम ने सुबह साढ़े सात बजे चिनहट स्थित देवरोड के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। इंटर के दौरान उन्होंने बताया कि डॉ। बंसल की हत्या उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर सुपारी के बारे में की थी।