हाईकोर्ट : मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ एफआईआर की मांग वाली याचिका खारिज, कोर्ट ने याचिका को माना निराधार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान की एकल पीठ ने कहा कि इस मामले में मथुरा की अदालत को क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं था।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान की एकल पीठ ने कहा कि इस मामले में मथुरा की अदालत को क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं था।
सनातन धर्म रक्षापीठ ने मथुरा की अदालत में बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत आवेदन दाखिल किया था। आरोप था कि मंत्री ने 16 जुलाई 2024 को अपर मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिखकर एक मामले में चल रही जांच में हस्तक्षेप किया। यह जांच वृंदावन, मथुरा की संपत्ति से जुड़े पुराने मामले से संबंधित थी। मथुरा की अदालत ने छह जून 2025 को क्षेत्राधिकार के अभाव में आवेदन खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिविजन दाखिल की गई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि विवादित पत्र लखनऊ में लिखा गया और गृह विभाग को भेजा गया था। पत्र में मंत्री की पत्नी की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई का अनुरोध था, कोई दबावपूर्ण निर्देश नहीं था। कोर्ट ने यह भी पाया कि संबंधित मामले में चार अक्तूबर 2024 को चार्जशीट दाखिल और सात अक्तूबर को संज्ञान लिया जा चुका था। ऐसे में बाद के पत्र से जांच में हस्तक्षेप का आरोप टिकता नहीं है। कोर्ट ने याचिका निराधार मानते हुए खारिज कर दी।