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योजना : कृषि उत्पादों के निर्यात को लेकर अनुप्रिया पटेल के साथ हुआ मंथन
Sun, 03 Oct 2021 10:38 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 03 Oct 2021 10:38 PM IST
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Prayagraj News : सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक करतीं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल।
- फोटो : प्रयागराज
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प्रयागराज एवं आसपास के जिलों में कृषि एवं अन्य उत्पादों केनिर्यात को बढ़ावा देने के लिए सर्किट हाउस में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अनुप्रिया पटेल केसाथ अफसरों एवं उद्यमियों का मंथन हुआ। रविवार की शाम हुई बैठक में स्थानीय उत्पादों के निर्यात में आने वाली अड़चनों के बारे में उद्यमियों ने विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उद्यमियों ने तमाम सुझाव भी दिए। विदेश व्यापार महानिदेशालय और एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस फूड डेवलपमेंट अथॉरिटी (अपेडा) केअफसरों की मौजूदगी में हुई बैठक में तमाम मुद्दों पर मंथन हुआ।
बैठक में अनुप्रिया पटेल ने बताया कि विदेश व्यापार महानिदेशालय एवं राज्य सरकार केजिला उद्योग केंद्र द्वारा प्रयागराज के लिए एक जनपद स्तरीय निर्यात योजना बनाई जा रही है। प्रयागराज से तकरीबन 140 करोड़ रुपये सालाना का निर्यात है। इसमें मुख्य रूप से चावल, गेहूं तथा प्रसंस्करित खाद्य उत्पाद शामिल है। अनुप्रिया ने अफसरों को निर्देश दिया कि जिला निर्यात योजना में कृषि निर्यात पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक के बाद संवाददाताओं से हुई औपचारिक बातचीत में राज्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज, कौशांबी, मिर्जापुर, वाराणसी समेत पूर्वांचल में जितने जिले हैं, उन जिलों में कृषि के ऐसे कौन-कौन से उत्पाद हैं, जिसे तैयार करके निर्यात किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पादों को चिह्नित करने का निर्देश अफसरों को दिया गया है। इसके अलावा कुटीर उद्योग में तैयार होने वाले उत्पादों के निर्यात के मसले पर इसकी सूची तैयार करने का भी निर्देश अफसरों को दिया गया।
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इस संबंध में संबंधित जिलों में जल्द कार्यशाला आयोजित करने पर भी सहमति बनी। बैठक में संयुक्त महानिदेशक अमित कुमार, उपायुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया, अपेडा के सहायक महानिदेशक सीबी सिंह, फियो कानपुर के आलोक श्रीवास्तव, ईस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विनय कुमार टंडन, जीएस दरबारी, राजीव अय्यर, एक्मा भदोही के असलम महबूब, बीके द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
अमरूद के पौधरोपण की पुरानी तकनीक बाधक
निर्यात हब योजना की बैठक में उद्यमियों ने फल, सब्जी, लाख के अलावा कुटीर उद्योगों में तैयार होने वाले उत्पादों के निर्यात को लेकर अपनी बात रखी। कहा गया कि कंटेनर की कमी और शिपिंग कंपनियों द्वारा तीन से चार गुना तक किराया बढ़ा दिए जाने से निर्यात करने में काफी दिक्कत हो रही है। सरकार या तो किराया कम करवाए या फिर उद्यमियों को सब्सिडी दे। निर्यात में जीएसटी रिफंड की समस्या का भी मामला उठाया गया। लाख को कृषि का दर्जा देने की भी मांग की गई। इसके अलावा प्रयागराज में ड्राई शी पोर्ट बनाए जाने का भी मुद्दा उठाया गया। प्रयागराज के अमरूद को लेकर अपेडा के अफसरों ने उसके प्लांटेशन की तकनीक को पुराना बताया। कहा कि नई तकनीक के लिए वह मदद करेंगे।
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बैठक में अनुप्रिया पटेल ने बताया कि विदेश व्यापार महानिदेशालय एवं राज्य सरकार केजिला उद्योग केंद्र द्वारा प्रयागराज के लिए एक जनपद स्तरीय निर्यात योजना बनाई जा रही है। प्रयागराज से तकरीबन 140 करोड़ रुपये सालाना का निर्यात है। इसमें मुख्य रूप से चावल, गेहूं तथा प्रसंस्करित खाद्य उत्पाद शामिल है। अनुप्रिया ने अफसरों को निर्देश दिया कि जिला निर्यात योजना में कृषि निर्यात पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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बैठक के बाद संवाददाताओं से हुई औपचारिक बातचीत में राज्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज, कौशांबी, मिर्जापुर, वाराणसी समेत पूर्वांचल में जितने जिले हैं, उन जिलों में कृषि के ऐसे कौन-कौन से उत्पाद हैं, जिसे तैयार करके निर्यात किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पादों को चिह्नित करने का निर्देश अफसरों को दिया गया है। इसके अलावा कुटीर उद्योग में तैयार होने वाले उत्पादों के निर्यात के मसले पर इसकी सूची तैयार करने का भी निर्देश अफसरों को दिया गया।
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इस संबंध में संबंधित जिलों में जल्द कार्यशाला आयोजित करने पर भी सहमति बनी। बैठक में संयुक्त महानिदेशक अमित कुमार, उपायुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया, अपेडा के सहायक महानिदेशक सीबी सिंह, फियो कानपुर के आलोक श्रीवास्तव, ईस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विनय कुमार टंडन, जीएस दरबारी, राजीव अय्यर, एक्मा भदोही के असलम महबूब, बीके द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
अमरूद के पौधरोपण की पुरानी तकनीक बाधक
निर्यात हब योजना की बैठक में उद्यमियों ने फल, सब्जी, लाख के अलावा कुटीर उद्योगों में तैयार होने वाले उत्पादों के निर्यात को लेकर अपनी बात रखी। कहा गया कि कंटेनर की कमी और शिपिंग कंपनियों द्वारा तीन से चार गुना तक किराया बढ़ा दिए जाने से निर्यात करने में काफी दिक्कत हो रही है। सरकार या तो किराया कम करवाए या फिर उद्यमियों को सब्सिडी दे। निर्यात में जीएसटी रिफंड की समस्या का भी मामला उठाया गया। लाख को कृषि का दर्जा देने की भी मांग की गई। इसके अलावा प्रयागराज में ड्राई शी पोर्ट बनाए जाने का भी मुद्दा उठाया गया। प्रयागराज के अमरूद को लेकर अपेडा के अफसरों ने उसके प्लांटेशन की तकनीक को पुराना बताया। कहा कि नई तकनीक के लिए वह मदद करेंगे।