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तस्वीरों की जुबानी इंदिरा की कहानी

Tue, 22 Nov 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 22 Nov 2016 01:53 AM IST
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Photographs of Indira oral story
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इंदिरा के संघर्षों की कहानी सुनाते उनके दुर्लभ चित्रों ने उनके जन्म शती समारोह का यादगार बना दिया। यह उनका कहना है कि जिन्होंने सोमवार को ये चित्र देखे और उनकी आंखें खुली की खुली रह गईं। मौका था इंदिरा गांधी पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का, जिसका उद्घाटन सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया और इस मौके पर राहुल एवं प्रियंका गांधी भी मौजूद रहे। स्वराज भवन में लगी यह प्रदर्शनी मंगलवार से आम लोगों के लिए भी खोल दी जाएगी। इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी को ‘इंदिरा: अ लाइव ऑफ करेज’ नाम दिया गया है।
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प्रदर्शनी में कई ऐसे चित्र हैं, जो लोगों ने कभी नहीं देखे। दो वर्ष की आयु में इंदिरा की अपने पिता जवाहर लाल नेहरू और मां कमला नेहरू के साथ 1918 में खींची गई फोटो हो या जिनेवा, स्विट्जरलैंड में 1926 में आठ वर्ष की आयु में खींची गई इंदिरा की वह तस्वीर, जब वह मां कमला नेहरू का इलाज कराने वहां गईं थीं। सभी फोटो इंदिरा के जीवन के सफरनामे की कहानी कह रहीं थीं। हरिपुरा गुजरात में 1938 में खींची गई वह फोटो भी प्रदर्शनी में लोगों को आकर्षित करती रही, जिसमें इंदिरा जवाहर लाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस के साथ दिखाई दे रही हैं। 1935 में शांति निकेतन में रविंद्र नाथ टैगोर के साथ खींची गई फोटो, फिरोज गांधी के जन्म से पूर्व उनके परिवार की फोटो से लेकर इंदिरा की 1932 में लाहौर एयरपोर्ट पर मित्रों के साथ खींची गई फोटो और उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद की तस्वीरें भी उनके व्यक्तित्व और संघर्ष की कहानी बयां कर रहीं थीं।
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इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के सुमन दुबे ने बताया कि ट्रस्ट ने इंदिरा गांधी के जीवन पर आधारित 90 हजार तस्वीरों को संकलित किया है। इनमें 220 चुनिंदा एवं दुर्लभ तस्वीरों को छांटकर अलग किया गया, जो अब प्रदर्शनी में लगी हुईं हैं। तस्वीरें सोनिया गांधी के नेतृत्व में छांटी गईं हैं। मूल तस्वीरें काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में थीं, सो उन्हें डिजिटिलाइज्ड किया गया है। स्वराज भवन में पांच जनवरी तक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद फरवरी 2017 में नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स मुंबई, अपैल 2017 में हैरिंगटन स्ट्रीट आर्ट सेंटर कोलकाता, अगस्त 2017 में कर्नाटका चित्रकला बंगलुरू में प्रदर्शनी जाएगी और नवंबर 2017 में शताब्दी वर्ष समाप्त होने पर दिल्ली में इसका आयोजन किया जाएगा।
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