{"_id":"5cd47dd6bdec2206ff5a5b75","slug":"petition-filed-against-indian-rehabilitation-council-decison-on-43-students-admission","type":"story","status":"publish","title_hn":"43 छात्रों का प्रवेश रोकने के खिलाफ याचिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
43 छात्रों का प्रवेश रोकने के खिलाफ याचिका
Fri, 10 May 2019 12:52 AM IST
विनोद सिंह
Prayagraj
Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 10 May 2019 12:52 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा श्रीमती फुलेहरा विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण केंद्र कमटैला, रसड़ा, बलिया के 43 छात्रों ने संस्थान में उनका प्रवेश अमान्य करने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इनका कहना है कि प्रैक्टिकल टेस्ट 20 मई 19 तथा परीक्षा 24 जून 19 को होने जा रही है। बलिया के राकेश कुमार यादव और 42 अन्य की याचिका को न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने सुनवाई हेतु 13 मई सोमवार को अन्य पीठ के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
परिषद ने इस वर्ष 4 मई 18 को सर्कुलर जारी कर ऑनलाइन परीक्षा से संस्थानों में प्रवेश का आदेश जारी किया है। 22 जून 18 तक ऑनलाइन पंजीकरण किए गए। 30 जून 18 को परीक्षा हुई। 30 जुलाई 18 तक प्रवेश लेने को कहा गया। सत्र 2018-19 में ऑनलाइन टेस्ट से ही प्रवेश की छूट दी गई और संस्थाओं द्वारा सीधे या अन्य तरीके से प्रवेश को अवैध करार दिया गया। ऐसा शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखने के लिए किया गया। एक याचिका पर कोर्ट के आदेश पर परिषद ने आठ नवंबर से सात दिसंबर 18 तक लेट फीस 500 रुपये और आठ दिसंबर से 15 दिसंबर 18 तक एक हजार लेट फीस के साथ पंजीकरण की छूट दी गई। याची का प्रवेश इसके बाद लिया और पंजीकरण के लिए परिषद के पास भेजा गया। इस पर परिषद ने देरी करने के कारण पंजीकरण करने से इंकार कर दिया। छात्रों ने याचिका दाखिल कर कहा है कि पंजीकरण न होने से उनका भविष्य नष्ट हो सकता है।
विज्ञापन