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रेलवे द्वारा लाल निशान लगाने पर भड़के लोग, आजाद नगर के लोगों का दावा- रेलवे की जमीन पर नहीं बनवाए हैं मकान 

Mon, 09 Nov 2020 07:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 09 Nov 2020 07:43 PM IST
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People raging on the red sign by railways, people of Azad Nagar claim - houses are not built on railway land
prayagraj news - फोटो : prayagraj
रेलवे ट्रैक दोहरीकरण की जद में आजाद नगर का कोई भी मकान नहीं आ रहा है। प्रशासन और रेलवे ने गलत निशान लगाए हैं। सदर तहसील से प्राप्त नक्शे के आधार पर मोहल्ले के लोगों का यह दावा है। इस बाबत रेल मंत्री को पत्र लिखने के अलावा प्रभावित परिवारों का प्रतिमंडल मंगलवार को डीएम से फिर मिलेगा और नक्शे के अनुसार दोबारा पैमाइस की मांग करेगा।
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रामबाग स्टेशन से जंक्शन के बीच ट्रैक दोहरीकरण का काम होना है। जिला प्रशासन के सहयोग से रेलवे ने नापजोख कराई है। इसकी जद में 200 से अधिक मकान आ रहे हैं। प्रशासन के अफसरों के अनुसार सभी मकान रेलवे की जमीन पर बने हैं। इनके ध्वस्तीकरण के लिए लाल निशान भी लगा दिए गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों में नाराजगी के साथ निराशा भी है।
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इसी क्रम में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बब्बूराम द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष मनोज मिश्रा की अगुवाई में लोगों ने सोमवार को सदर तहशील से नक्शे की सत्यापित कापी निकलवाई। साथ ही नक्शे के अनुसार जमीन की नाप करवाई। मोहल्ले के लोगों का दावा है कि रेलवे की जमीन पर एक भी मकान नहीं बना है। प्रशासन और रेलवे ने गलत निशान लगाए हैं। प्रभावित परिवार केलोगों का कहना है कि दोबारा पैमाइस की मांग को लेकर वे डीएम से मिलेंगे। साथ ही रेल मंत्री को पत्र लिखा जाएगा।
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डीएम से मिले आजाद नगर के निवासी

आजाद नगर के निवासियों ने सोमवार को डीएम से मिलकर मकान न किराए जाने की मांग की। उन्होंने पांच सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। निवासियों का कहना था कि रेलवे अधिकारियों ने गलत नाप की है और लाल निशान लगा दिए हैं।। उनका कहना था कि पूर्व में रेलवे की ओर से खंभा लगाने केसाथ चाहरदीवारी भी बनवाई थी। उससे दूर मकान बने हैं। वहां लोगों के 100 वर्ष से पुराने मकान हैं। उन्होंने डीएम से हस्तक्षेप कर राहत की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में असमत कमाल, बब्बूराम द्विवेदी, अफसर कमाल, मो. रूमान, पुलकित यादव, अजमल, तबरेज, नावेद आदि शामिल रहे।
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