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आयोग अध्यक्ष के खिलाफ छात्रों का क्रमिक अनशन
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sun, 05 Apr 2015 11:54 PM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों और प्रतियोगियों ने रविवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन के सामने शुरू अनशन पर पहले दिन रवि प्रताप सिंह, अनुभव उपाध्याय, आदर्श शर्मा, दीपक मिश्रा, दुर्गेश नंदन, अभिषेक पांडेय और अखिलेश तिवारी बैठे। उनके आंदोलन के समर्थन में छात्रों के अलावा राजनीतिक दल के नेता भी पहुंचे। छात्रों ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गईं तो उनका आंदोलन तीन दिन बाद आमरण अनशन में तब्दील हो जाएगा।
पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रतियोगियों ने रविवार से तेज आंदोलन चला रखा है। यह आंदोलन सिर्फ इलाहाबाद में ही नहीं आगरा, लखनऊ, वाराणसी आदि जिलों में भी जारी है। इसके बावजूद सरकार की ओर से प्रतियोगियों की मांग पर कोई गौर नहीं किया गया। इससे नाराज छात्राें और प्रतियोगियाें ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। छात्रों ने आयोग अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हुई सभा में प्रतियोगियों का कहना था कि आयोग का दोनों पेपर आउट हुआ है। इसके अलावा पेपर आउट होेने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ भी है।
इसके बावजूद सिर्फ पहला पेपर निरस्त किया गया। उनका यह भी कहना था कि डॉ.अनिल यादव के अध्यक्ष बनने के बाद हर भर्ती में गड़बड़ी की हो रही है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। मांग नहीं माने जाने पर उनमें प्रदेश के साथ केंद्र सरकार के प्रति भी नाराजगी रही। उन्होंने आगे और तेज आंदोलन की चेतावनी दी। समर्थन में अनशन स्थल पर राणा यशवंत प्रताप सिंह, अवनीश पांडेय, अयोध्या सिंह, कौशल सिंह, अमित सिंह राणा, अमरेंदु सिंह, सुधीर सिंह, प्रभाकर, विपिन पटेल, अंकित चौबे, प्रशांत सिंह, समाजसेवी, आशुतोष द्विवेदी, अनुभव उपाध्याय आदि पहुंचे।
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पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रतियोगियों ने रविवार से तेज आंदोलन चला रखा है। यह आंदोलन सिर्फ इलाहाबाद में ही नहीं आगरा, लखनऊ, वाराणसी आदि जिलों में भी जारी है। इसके बावजूद सरकार की ओर से प्रतियोगियों की मांग पर कोई गौर नहीं किया गया। इससे नाराज छात्राें और प्रतियोगियाें ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। छात्रों ने आयोग अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हुई सभा में प्रतियोगियों का कहना था कि आयोग का दोनों पेपर आउट हुआ है। इसके अलावा पेपर आउट होेने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ भी है।
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इसके बावजूद सिर्फ पहला पेपर निरस्त किया गया। उनका यह भी कहना था कि डॉ.अनिल यादव के अध्यक्ष बनने के बाद हर भर्ती में गड़बड़ी की हो रही है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। मांग नहीं माने जाने पर उनमें प्रदेश के साथ केंद्र सरकार के प्रति भी नाराजगी रही। उन्होंने आगे और तेज आंदोलन की चेतावनी दी। समर्थन में अनशन स्थल पर राणा यशवंत प्रताप सिंह, अवनीश पांडेय, अयोध्या सिंह, कौशल सिंह, अमित सिंह राणा, अमरेंदु सिंह, सुधीर सिंह, प्रभाकर, विपिन पटेल, अंकित चौबे, प्रशांत सिंह, समाजसेवी, आशुतोष द्विवेदी, अनुभव उपाध्याय आदि पहुंचे।
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