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पीसीएस से रक्षा अध्ययन हआने को चुनौती

Mon, 13 Jan 2020 08:09 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2020 08:09 PM IST
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PCS challenges defense studies
PCS challenges defense studies
पीसीएस से रक्षा अध्ययन विषय हटाने को चुनौती, जवाब तलब
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संघ लोक सेवा आयोग का पैटर्न अपनाने के कारण हटाया गया विषय
प्रयागराज। पीसीएस 2019 की मुख्य परीक्षा से रक्षा अध्ययन विषय हटाए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने इस मामले में उप्र लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका पर 23 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। चंद्रेश पांडेय और अन्य प्रतियोगी छात्रों की याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र का कहना था कि 25 वर्षों से रक्षा अध्ययन विषय आयोग की परीक्षाओं में एक विषय के रूप में रहा है। अचानक इसे हटा देने से इस विषय के स्नातक अभ्यर्थियों के प्रतियोगी परीक्षा में बैठने के अधिकार का हनन किया जा रहा है। आयोग के वकील का कहना था कि लोक सेवा आयोग ने संघ लोक सेवा आयोग के पैटर्न को अपना लिया है।
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इसकी वजह से रक्षा अध्ययन विषय को हटाना पड़ा है। याची अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों के विषय चुनने के अधिकार का हनन है। आयोग को विषय निर्धारण का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए जवाब मांगा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस बार पीसीएस मुख्य परीक्षा 2019 में लोक सेवा आयोग ने रक्षा अध्ययन, समाजकार्य सहित कई विषय परीक्षा से हटा दिए हैं। इससे इन विषयों को लेकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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