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सर्जरी : क्षतिग्रस्त पांच फीट छोटी आंत काटकर मरीज की बचाई जान, मरीज पूरी तरह स्वस्थ

Thu, 09 May 2024 04:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 09 May 2024 04:48 PM IST
सार

भदोही निवासी आफताब (42) दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें 24 अप्रैल 2024 को एसआरएन अस्पताल लाया गया। उनके दाहिने हाथ की हड्डी टूटी थी और पेट में गंभीर चोटें आई थीं। प्राथमिक जांच में पता चला कि पेट में बहुत ज्यादा रक्त भरा था और ब्लड प्रेशर बहुत लो हो गया था। घायल को सांस लेने में भी समस्या हो रही थी।

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Patient's life saved by cutting five feet of damaged small intestine, patient completely healthy
आपरेशन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वरूप रानी नेहरु चिकित्सालय (एसआरएन) के सर्जरी में विभाग में दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जटिल सर्जरी की गई। घायल की क्षतिग्रस्त पांच फीट छोटी आंत कई जगह फटी हुई थी, यहां से बराबर रक्तस्राव हो रहा था। चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर छोटी आंत के क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर बचे भाग को बड़ी आंत से जोड़ा। सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।

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भदोही निवासी आफताब (42) दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें 24 अप्रैल 2024 को एसआरएन अस्पताल लाया गया। उनके दाहिने हाथ की हड्डी टूटी थी और पेट में गंभीर चोटें आई थीं। प्राथमिक जांच में पता चला कि पेट में बहुत ज्यादा रक्त भरा था और ब्लड प्रेशर बहुत लो हो गया था। घायल को सांस लेने में भी समस्या हो रही थी।

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सर्जरी विभाग के ट्रामा सर्जन डॉ संतोष सिंह ने विभाग अध्यक्ष डॉ. वीके पांडेय से विचार-विमर्श किया। इसके बाद इमरजेंसी टीम व एनेस्थीसिया विभाग ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान पता चला कि पांच फीट छोटी आंत कई जगह से फटी हुई थी और वहीं से रक्तस्राव हो रहा था। इस आंत को ठीक कर पाना संभव नहीं था। इस पर टीम ने इस हिस्से को निकालकर छोटी आंत को बड़ी आंत से जोड़ दिया गया।

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इस जटिल सर्जरी में डॉ. संतोष सिंह, डॉ. अत्रेय साहा, डॉ. सर्वेश मिश्रा, डॉ. हर्ष और डॉ. दीपक शामिल रहे। ऑपरेशन के बाद मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए एनेस्थीसिया की विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम सिंह की देखरेख में आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया। दो दिन बाद मरीज की हालत में सुधार होने लगा। पांच दिनों बाद मरीज की स्थित में काफी सुधार हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जन डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि सर्जरी की इस प्रक्रिया को मेडिकल टर्म में एक्सप्लोरेटरी लैपराटमी प्लस रिसेक्शन और अनास्टोमोसिस कहते हैं।

मरीज को एसआरएन अस्पताल में गंभीर हालत में रेफर किया गया था। यह सर्जरी की एक जटिल प्रक्रिया थी, जिसमें मरीज की जिंदगी दांव पर होती है। मगर यह सर्जरी पूरी तरह से सफल रही, जिसके बाद अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। - डॉ. संतोष सिंह, ट्रामा सर्जन, एसआरएन 

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