Job : अनुदेशक भर्ती में बीटेक, डिप्लोमा वालों के लिए खुलेंगे रास्ते, सीआईटीएस की अनिवार्यता हो सकती है खत्म
पूर्व में यही व्यवस्था लागू थी। आईटीआई अनुदेशक के पदों पर भर्ती के लिए आईटीआई का डिप्लोमा और एक वर्ष का सीआईटीएस का प्रमाणपत्र अनिवार्य था, लेकिन अगर कोई बीटेक या डिप्लोमा करने वाला अभ्यर्थी भर्ती में शामिल होना चाहता था और उसके पास सीआईटीएस का प्रमाणपत्र नहीं था, तो यह शर्त होती थी कि नियुक्ति के बाद ऐसे अभ्यर्थियों को तीन माह की अलग से ट्रेनिंग दी जाएगी।
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आईटीआई अनुदेशक भर्ती में सीआईटीएस प्रमाणपत्र का पेच जल्द ही दूर हो सकता है। सेवा नियमावली में संशोधन के लिए सरकार ने कमेटी गठित कर दी है। भर्ती में अगर सीआईटीएस प्रमाणपत्र की अनिवार्यता समाप्त हो जाती है तो बीटेक और डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। सीआईटीएस प्रमाणपत्र के बिना उनके लिए भर्ती में शामिल होने के रास्ते खुल जाएंगे।
पूर्व में यही व्यवस्था लागू थी। आईटीआई अनुदेशक के पदों पर भर्ती के लिए आईटीआई का डिप्लोमा और एक वर्ष का सीआईटीएस का प्रमाणपत्र अनिवार्य था, लेकिन अगर कोई बीटेक या डिप्लोमा करने वाला अभ्यर्थी भर्ती में शामिल होना चाहता था और उसके पास सीआईटीएस का प्रमाणपत्र नहीं था, तो यह शर्त होती थी कि नियुक्ति के बाद ऐसे अभ्यर्थियों को तीन माह की अलग से ट्रेनिंग दी जाएगी।
दिसंबर-2021 में इस व्यवस्था में अचानक बदलाव कर दिया गया। नई व्यवस्था के तहत बीटेक और डिप्लोमा वालों के लिए भी सीआईटीएस प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया और एक माह बाद यानी जनवरी-2022 में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने आईटीआई अनुदेशक के 2504 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया। ऐसे में बीटेक और डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों को सीआईटीएस प्रमाणपत्र कोर्स करने का मौका ही नहीं मिला।
न्यायालय में चल रहा है मामला
यह मामला अब न्यायालय में लंबित है। वहीं, अभ्यर्थी भी लगातार शासन को पत्र लिखकर राहत की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2022 के विज्ञापन में आईटीआई अनुदेशक के 50 फीसदी पद आईटीआई डिप्लोमा एवं सीआईटीएस प्रमाणपत्र की अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों और 50 फीसदी पद बीटेक या डिप्लोमा और सीआईटीएस प्रमाणपत्र की अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं।
अभ्यर्थियों का दावा है कि देश भर में बीटेक या डिप्लोमा के साथ सीआईटीएस प्रमाणपत्र की अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 200 से अधिक नहीं है। ऐसे में आईटीआई अनुदेशक के आधे पद खाली ही रह जाएंगे। फिलहाल, सेवा नियमावली में संशोधन के लिए प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
ऐसे में सिर्फ बीटेक एवं डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों को आगामी भर्तियों में शामिल होने का मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वहीं, अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि सेवा नियमावली में संशोधन बाद 2022 में जारी विज्ञापन के तहत आवेदन दोबारा लिए जाएं, ताकि जिन बीटेक एवं डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों के पास सीआईटीएस प्रमाणपत्र नहीं है, उन्हें भी 2022 की भर्ती में शामिल होने का मौका मिल सके। वैसे भी 2021 में सेवा नियमावली में संशोधन और 2022 में जारी विज्ञापन के बीच एक माह का अंतराल होने के कारण अभ्यर्थियों को सीआईटीएस प्रमाणपत्र के लिए प्रयास करने का मौका भी नहीं मिल सका।