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जंक्शन पर पानी की बोतल का ज्यादा दाम वसूलने पर भड़के यात्री
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:08 AM IST
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इलाहाबाद
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इलाहाबाद जंक्शन पर बोतल बंद पानी की ज्यादा कीमत लेने पर बृहस्पतिवार को यात्री भड़क गए। यात्रियों ने जंक्शन पर खूब शोरशराबा मचाया। आरोप लगाया कि वेंडर बोतल बंद पानी की कीमत ज्यादा वसूल ले रहे है। सुबह गोदान एक्सप्रेस के यात्रियों ने इसका विरोध भी किया। यात्रियों का कहना था वेंडर पानी की बोतल में लिखी कीमत से ज्यादा दाम वसूल रहे हैं। यात्रियों ने जंक्शन पर इसका विरोध भी किया। देवरिया जा रहे यात्री सौरभ कृष्ण ने बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो वेंडर ने बोतल ठंडा करने की एवज में ज्यादा दाम लिए जाने की बात कही।
गर्मी में हर बार इलाहाबाद जंक्शन पर अवैध वेंडर मनमानी करते है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में आई बढ़त की वजह से जंक्शन पर पानी एवं अन्य पेयजल की मांग बढ़ गई हे। सबसे ज्यादा परेशानी उन ट्रेन के यात्रियों को हो रही है, जिनका स्टॉपेज यहां महज पांच से दस मिनट का है। बृहस्पतिवार को लोकमान्य तिलक से गोरखपुर जाने वाली गोदान जंक्शन पहुंची तो पानी के लिए तमाम यात्री प्लेटफार्म पर उतर आए। यहां पानी बेच रहे तमाम अवैध वेंडरों बोतल बंद पानी के 20 से 30 रुपये तक यात्रियों से वसूल रहे थे। गोदान के यात्रियों ने जब 15 रुपये ही बोतल बंद पानी होने की कीमत बताई तो वेंडरों ने ठंडा करने के नाम पर अतिरिक्त पांच रुपये लेने की बात कह डाली। इतना ही नहीं अधिकांश अवैध वेंडरों के पास रेल नीर भी नहीं था, जबकि अभी हाल ही में रेलवे बोर्ड ने फरमान जारी किया है कि जंक्शन पर रेलनीर के अतिरिक्त कोई दूसरा ब्रांड नहीं होना चाहिए।
मुंबई रूट के प्लेटफार्म पर ज्यादा शिकायत
0 इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात, आठ, नौ और दस से मुंबई रूट की ट्रेनों का संचालन होता है। दरअसल मुंबई रूट की अधिकांश ट्रेनों के जनरल कोच में भीड़ का जबर्दस्त दबाव रहता है। इस दौरान जनरल कोच के अधिकांश यात्री बाहर निकल नहीं पाते। मजबूरी में उन्हें वेंडरों द्वारा निर्धारित की गई कीमत के हिसाब से ही बोतल बंद पानी एवं अन्य खाद्य पदार्थ खरीदने पड़ते हैं।
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पानी का प्रेशर धीमा करने का भी खेल
0 जंक्शन पर लंबे समय से महत्वपूर्ण ट्रेनों के आगमन के दौरान पेयजल आपूर्ति के लिए लगे नल से पानी का प्रेशर धीमा हो जाता है। अगर पानी का प्रेशर सही है तो अमूमन एक मिनट में तीन लोग पानी भर लेते हैं, लेकिन प्रेशर धीमा होने की वजह से यह समयावधि बढ़ जाती है। ताकि यात्री स्टॉल पर या अवैध वेंडरों से पानी खरीदने को बाध्य हो।
‘एमआरपी के ऊपर किसी भी प्रकार अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जा सकता है। अगर जंक्शन पर ओवर चार्जिंग की जा रही है तो अतिशीघ्र अवैध वेंडरों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।’
00 गौरव कृष्ण बसंल, सीपीआरओ एनसीआर।
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गर्मी में हर बार इलाहाबाद जंक्शन पर अवैध वेंडर मनमानी करते है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में आई बढ़त की वजह से जंक्शन पर पानी एवं अन्य पेयजल की मांग बढ़ गई हे। सबसे ज्यादा परेशानी उन ट्रेन के यात्रियों को हो रही है, जिनका स्टॉपेज यहां महज पांच से दस मिनट का है। बृहस्पतिवार को लोकमान्य तिलक से गोरखपुर जाने वाली गोदान जंक्शन पहुंची तो पानी के लिए तमाम यात्री प्लेटफार्म पर उतर आए। यहां पानी बेच रहे तमाम अवैध वेंडरों बोतल बंद पानी के 20 से 30 रुपये तक यात्रियों से वसूल रहे थे। गोदान के यात्रियों ने जब 15 रुपये ही बोतल बंद पानी होने की कीमत बताई तो वेंडरों ने ठंडा करने के नाम पर अतिरिक्त पांच रुपये लेने की बात कह डाली। इतना ही नहीं अधिकांश अवैध वेंडरों के पास रेल नीर भी नहीं था, जबकि अभी हाल ही में रेलवे बोर्ड ने फरमान जारी किया है कि जंक्शन पर रेलनीर के अतिरिक्त कोई दूसरा ब्रांड नहीं होना चाहिए।
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मुंबई रूट के प्लेटफार्म पर ज्यादा शिकायत
0 इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात, आठ, नौ और दस से मुंबई रूट की ट्रेनों का संचालन होता है। दरअसल मुंबई रूट की अधिकांश ट्रेनों के जनरल कोच में भीड़ का जबर्दस्त दबाव रहता है। इस दौरान जनरल कोच के अधिकांश यात्री बाहर निकल नहीं पाते। मजबूरी में उन्हें वेंडरों द्वारा निर्धारित की गई कीमत के हिसाब से ही बोतल बंद पानी एवं अन्य खाद्य पदार्थ खरीदने पड़ते हैं।
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पानी का प्रेशर धीमा करने का भी खेल
0 जंक्शन पर लंबे समय से महत्वपूर्ण ट्रेनों के आगमन के दौरान पेयजल आपूर्ति के लिए लगे नल से पानी का प्रेशर धीमा हो जाता है। अगर पानी का प्रेशर सही है तो अमूमन एक मिनट में तीन लोग पानी भर लेते हैं, लेकिन प्रेशर धीमा होने की वजह से यह समयावधि बढ़ जाती है। ताकि यात्री स्टॉल पर या अवैध वेंडरों से पानी खरीदने को बाध्य हो।
‘एमआरपी के ऊपर किसी भी प्रकार अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जा सकता है। अगर जंक्शन पर ओवर चार्जिंग की जा रही है तो अतिशीघ्र अवैध वेंडरों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।’
00 गौरव कृष्ण बसंल, सीपीआरओ एनसीआर।