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सवारियों पर मिली सामान को तरजीह

Sat, 26 Mar 2016 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 26 Mar 2016 02:24 AM IST
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Passengers prefer to stuff you find on
रेल - फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हो या फिर कानपुर, झांसी या फिर आगरा। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन में इन दिनों इन स्टेशनों के साथ अन्य सभी स्टेशनों पर आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें घंटों विलंब से पहुंच रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मार्च महीने में अपना टारगेट पूरा करने केलिए एनसीआर प्रशासन इन दिनों मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को रोककर गुड्स ट्रेनों को ही पास करने में जुटा हुआ है। रेलवे के इस निर्णय से आम यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है। आलम ये है कि एनसीआर के तमाम स्टेशनों पर सुबह वाली ट्रेनें शाम को तो दिन वाली ट्रेनें रात के वक्त पहुंच रही हैं।
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एनसीआर के इलाहाबाद, आगरा और झांसी मंडल में इलाहाबाद डिवीजन में चलने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी बीते कुछ दिनों के दौरान ज्यादा बढ़ गई है। इसमें मुगलसराय-इलाहाबाद-कानपुर रेलखंड अव्वल है। हावड़ा से आने वाली ट्रेनें मुगलसराय तक भले ही समय से पहुंच जाएं, लेकिन मुगलसराय पार करने के बाद इलाहाबाद डिवीजन में प्रवेश करते ही ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग जा रहा है। आलम ये है कि दो से तीन घंटे की इस दूरी को तय करने में ज्यादातर मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को पांच से छह घंटे से ज्यादा का वक्त लग जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से इस रेलखंड पर रेलवे मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की बजाय मालगाड़ियों को ज्यादा तरजीह दे रहा है। इस रूट पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की माने तो सुबह के वक्त मुरी, तूफान, कालका मेल, महानंदा एक्सप्रेस आदि ट्रेनों को मेजा रोड, करछना, भीरपुर आदि स्टेशनों पर रोक कर मालगाड़ी पास करवाई जा रही है। चर्चा इस बात की भी है कि मार्च माह का टारगेट पूरा करने के लिए एनसीआर प्रशासन इन दिनों इन सभी रेलखंडों पर बहुत सी मालगाड़ियों को थ्रू निकाल रहा है। इस वजह से सवारी गाड़ियां गुड्स ट्रेनों के पीछे चलानी पड़ रही हैं।
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शुक्रवार की ही बात करें तो मुगलसराय-इलाहाबाद रेलखंड पर सुबह 15484 महानंदा एक्सप्रेस जहां मुगलसराय से 6.58 बजे चली तो इलाहाबाद 11.30 बजे के आसपास ही पहुंच सकी। यही हाल 12505 एनई एक्सप्रेस का भी रहा। मुगलसराय से एनई भी 7.10 बजे चली। जिसे 9.40 तक इलाहाबाद पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन वह पहुंची 11.30 बजे के बाद। यही हाल 12311 कालका मेल, 12987 सीमांचल एक्सप्रेस आदि ट्रेनों का भी रहा। ट्रेनों की लेटलतीफी के बारे में अफसरों से पूछा जाता है तो उनका रटारटाया जवाब है कि मुगलसराय-इलाहाबाद रेलखंड देश का सर्वाधिक व्यस्त रेलखंड है। इस रेलखंड पर क्षमता से कहीं ज्यादा ट्रेनों का संचालन हो रहा है। 


‘टारगेट की बात नहीं है, बल्कि मालगाड़ी का प्रेशर ज्यादा है। बिजली बनाने वाली कंपनियों के पास कोयला समय से पहुंचे, इसका भी ध्यान दिया जा रहा है। इस रेलखंड पर क्षमता से ज्यादा ट्रेनें चल रही हैं। फिर भी बैलेंस बनाकर गुड्स और पैसेंजर ट्रेनें चलाई जा रही है॥ ’
00 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर।
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