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Prayagraj News: गैंगस्टर एक्ट में ढाबा कुर्क करने का आदेश रद्द

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:37 AM IST
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Order to attach 'dhaba' under Gangster Act quashed
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भदोही में गैंगस्टर एक्ट के तहत बजपेयी ढाबे को कुर्क करने के डीएम के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की संपत्ति कुर्क करने के लिए केवल आपराधिक मामले में संलिप्तता ही पर्याप्त नहीं है। यह साबित करने के लिए सामग्री भी होनी चाहिए कि संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध से अर्जित की गई है।
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कोर्ट ने डीएम को संबंधित संपत्ति तत्काल अपीलकर्ता को वापस सौंपने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने राकेश बजपेयी की आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए दिया। अपील में डीएम की ओर से 14 जून 2024 को ढाबा कुर्क करने और विशेष न्यायालय की ओर से नौ जुलाई 2024 को कुर्की की पुष्टि करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
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गोपीगंज थाना क्षेत्र के विट्ठलपुर गांव में बजपेयी ढाबे को अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले के बाद कुर्क किया गया था। पुलिस ने ढाबे के निर्माण की अनुमानित लागत 75 लाख रुपये बताई थी। आरोप था कि इसका निर्माण अवैध गतिविधियों से अर्जित धन से किया गया है। राकेश बजपेयी ने इन आरोपों का विरोध कर कहा था कि ढाबा पैतृक जमीन पर उनके और भाइयों के सहयोग से बनाया गया है।
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कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि ढाबे के निर्माण में लगी धनराशि अवैध गतिविधियों से अर्जित की गई थी। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि ढाबे की कीमत 75 लाख रुपये निर्धारित करने के समर्थन में लेखपाल की कोई रिपोर्ट या अन्य मूल्यांकन संबंधी दस्तावेज पेश नहीं किए गए थे।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गैंगस्टर एक्ट की धारा-14 के तहत संपत्ति कुर्क करने के लिए डीएम के पास यह मानने का ठोस आधार होना चाहिए कि संबंधित संपत्ति गैंगस्टर की ओर से अपराध से अर्जित की गई है। अपराध में संलिप्तता और संपत्ति के अर्जन के बीच संबंध स्थापित होना जरूरी है। यदि संपत्ति वैध आय से अर्जित की गई है तो केवल आपराधिक मामले के आधार पर उसे कुर्क नहीं किया जा सकता।
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