फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Opposition parties in support of Shuats

शुआट्स के समर्थन में आए विपक्षी दल

Thu, 14 Sep 2017 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 14 Sep 2017 01:22 AM IST
विज्ञापन
Opposition parties in support of Shuats
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
एक्सिस बैंक में करोड़ों रुपये के घोटाले में फंसे शुआट्स प्रशासन के समर्थन में विपक्षी दल आ गए हैं। सपा, कांग्रेस और बसपा नेताओं ने बुधवार को संयुक्त प्रेेसवार्ता में केंद्र और प्रदेश सरकार पर अल्पसंख्यकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उनका कहना था कि आरएसएस और भाजपा षड्यंत्र के तहत सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके संस्था को खत्म करना चाहती है। संस्थान के अफसरों पर कार्रवाई के पीछे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का हाथ है। नेताओं ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच या हाईकोर्ट के रिटायर जज से जांच कराने की मांग की। मांग पूरा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन


सपा के लल्लन राय का कहना था कि घोटाले में बैंक के अफसरों की गलती है। कुलपति तथा अन्य लोगों को षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। इसके पीछे उप मुख्यमंत्री का हाथ है। उनका कहना था कि वे संस्थान के साथ हैं और उत्पीड़न नहीं रुका तो आंदोलन करेंगे। बसपा के शहर अध्यक्ष चौधरी सईद अहमद का कहना था कि कुलसचिव जांच में सहयोग देने के लिए क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन फर्जी तरीके से मेयोहाल से उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई। जिस तरह से कार्रवाई हो रही है उससे स्पष्ट है कि सरकार अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को निशाना बना रही है। सईद ने सरकारी एजेंसी के बजाय हाईकोर्ट के रिटायर जज से जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन


कांग्रेस के शहर अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कहा कि वहां धर्म परिवर्तन जैसी भी कोई चीज नहीं होती। यह सब संस्था को खत्म करने की साजिश है। कांफ्रेंस में शामिल बसपा के पूर्व विधायक राजबली जैसल, सपा के विनोद चंद्र दुबे, कांग्रेस के किशोर वार्ष्णेय आदि का कहना था कि संस्थान का गौरवमयी इतिहास है। कृषि को बढ़ावा देने के लिए संस्थान में कई अनुसंधान हुए हैं और यह क्रम जारी है, लेकिन असामाजिक तत्वों की वजह से अब वहां भय का माहौल है। कुछ लोग गिरोह बनाकर अल्पसंख्यक संस्थानों को बदनाम कर रहे हैं। नेताओं ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुआट्स के समर्थन में विपक्षी दलों की एकता के राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। नगर निकाय चुनाव नवंबर में संभावित है। इसके बाद फूलपुर लोकसभा के लिए उपचुनाव है। ऐसे में तीनों दल के नेताओं की एक मंच पर मौजूदगी को नए सियासी गठजोड़ के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, तीनों दल के नेताओं ने इसका खंडन किया। उनका कहना था कि  वे सिर्फ शुआट्स और अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर एक मंच पर आए हैं। किसी तरह के गठबंधन का फैसला शीर्षस्थ नेतृत्व करेगा। शहर अध्यक्ष सईद अहमद ने स्पष्ट तौर पर यह भी कहा कि बसपा फूलपुर उप चुनाव नहीं लड़ेगी। बसपा कभी उपचुनाव नहीं लड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed