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हाईकोर्ट में सिर्फ अर्जेट मुकदमों की सुनवाई

Tue, 17 Mar 2020 12:28 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2020 12:28 AM IST
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only urgent hearing will be in highcourt
only urgent hearing will be in highcourt - फोटो : CITY DESK
कोरोना वायरस के प्रभाव को रोकने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़े कदम उठाए हैं। सभी जिला अदालतों, हाईकोर्ट प्रधानपीठ और लखनऊ खंडपीठ में सिर्फ अति आवश्यक मुकदमों की ही सुनवाई होगी। हाईकोर्ट में अगले आदेश तक और जिला अदालतों में 21 मार्च तक मुकदमों की नियमित सुनवाई पर रोक लगा दी गई है। अदालतों में वादकारियों और अन्य आगंतुकों का प्रवेश भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। सिर्फ उन्हीं वकीलों, मुंशियों और कर्मचारियों को हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी, जिनके पास मान्य गेट पास होगा।
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मुख्य न्यायाधीश ने हालात पर निगरानी के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी की बैठक के बाद निर्णय लिया गया है कि वादकारियों और आगंतुकों को कोई गेटपास जारी नहीं किया जाएगा। गेट संख्या 3ए से आधार कार्ड दिखाकर किसी वादकारी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वकीलों से कहा गया है कि वह अपने मुव्वकिलों को हाईकोर्ट आने से रोकें। जब तक बहुत जरूरी न हो अदालतें किसी को व्यक्तिगत रूप से तलब नहीं करेंगी। जो लोग तलब हैं, उनकी तलबी आगे के लिए बढ़ा दी जाएगी।
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साथ ही सभी प्रकार की मध्यस्थता कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है। जिन मुकदमों में तारीख नियत है, उनमें आगे की तारीख लगाई जाएगी। मुकदमों में किसी भी एक पक्ष के वकील के उपस्थित न होने पर विपरीत आदेश पारित नहीं किए जाएंगे। हाईकोर्ट के सभी स्टॉफ को शाम पांच बजे तक परिसर खाली करने का आदेश दिया गया है। वकीलों की कैंटीन और मीटिंग हॉल को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। सिर्फ इनकी सफाई और सेनेटाइजेशन का कार्य होगा। हाईकोर्ट परिसर में वेंडरों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
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हाईकोर्ट ने सभी जिला जजों को निर्देश दिया है कि 21 मार्च तक सिर्फ अतिआवश्यक मुकदमों की ही सुनवाई की जाए। अन्य मुकदमों की लिस्ट में तारीख लगाने के लिए कहा गया है। अतिआवश्यक मामलों को छोड़कर कामर्शियल कोर्ट, मोटर एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल, भूमि अधिग्रहण मामलों की सुनवाई भी स्थगित रहेगी। जिला जजों को सेनेटाइजेशन और सफाई के लिए संबंधित जिलाधिकारी, सीएमओ से सहयोग लेने केलिए कहा गया है।
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