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विवि की डिग्री होगी ऑनलाइन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 14 Sep 2016 01:31 AM IST
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इलाहाबाद। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की डिग्री तथा अन्य डाक्यूमेंट जल्द ऑनलाइन होंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद इसके लिए फिर कवायद शुरू कर दी गई है। डाक्यूमेंट ऑनलाइन होने से छात्र-छात्राओं की सहूलियत तो बढ़ेगी ही साथ भर्ती संस्थाएं मार्कशीट तथा डिग्री का ऑनलाइन सत्यापन भी कर सकेंगी। इससे फर्जी डिग्री बनवाकर नौकरी पाने की शिकायतों पर अंकुश लगेगा।
विगत कुछ वर्षों में फर्जी डिग्री की शिकायतें बढ़ गई हैं। विश्वविद्यालय में हर साल वेरिफिकेशन के लिए आने वाली डेढ़ सौ से ज्यादा डिग्री और मार्कशीट फर्जी पाई जाती हैं। आंध्र प्रदेश में तो विश्वविद्यालय का केंद्र खोले जाने की शिकायत हुई थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय की डिग्री आकार में भी बहुत बड़ी है। इसकी वजह से इसे रखने में असुविधा होती है। इस तरह की शिकायतों के मद्देनजर विश्वविद्यालय में कंप्यूटराइज्ड डिग्री तथा ऑनलाइन वेरिफिकेशन की सुविधा देने का निर्णय काफी पहले लिया गया था लेकिन यह योजना सिर्फ फाइलों तक सीमित रही। हालांकि अब दोनों योजनाएं जल्द लागू होने के दावे किए जा रहे हैं। मंत्रालय में पिछले सप्ताह विश्वविद्यालयों के अफसरों के साथ हुई बैठक में छात्र-छात्राओं से संबंधित सभी डाक्यूमेंट ऑनलाइन करने की घोषणा की गई। इसके लिए एक विंडो बनाया जाएगा। इसकी मदद से संस्थान किसी की भी डिग्री का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें पासवर्ड लेना होगा। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि मंत्रालय से गाइड लाइन मिल चुकी है। आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एचएस उपाध्याय का कहना है कि ऑनलाइन डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन की सुविधा देने पर सहमति बन चुकी है। इससे फर्जीवाड़ा की शिकायतें काफी हद तक कम हो जाएंगी।
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विगत कुछ वर्षों में फर्जी डिग्री की शिकायतें बढ़ गई हैं। विश्वविद्यालय में हर साल वेरिफिकेशन के लिए आने वाली डेढ़ सौ से ज्यादा डिग्री और मार्कशीट फर्जी पाई जाती हैं। आंध्र प्रदेश में तो विश्वविद्यालय का केंद्र खोले जाने की शिकायत हुई थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय की डिग्री आकार में भी बहुत बड़ी है। इसकी वजह से इसे रखने में असुविधा होती है। इस तरह की शिकायतों के मद्देनजर विश्वविद्यालय में कंप्यूटराइज्ड डिग्री तथा ऑनलाइन वेरिफिकेशन की सुविधा देने का निर्णय काफी पहले लिया गया था लेकिन यह योजना सिर्फ फाइलों तक सीमित रही। हालांकि अब दोनों योजनाएं जल्द लागू होने के दावे किए जा रहे हैं। मंत्रालय में पिछले सप्ताह विश्वविद्यालयों के अफसरों के साथ हुई बैठक में छात्र-छात्राओं से संबंधित सभी डाक्यूमेंट ऑनलाइन करने की घोषणा की गई। इसके लिए एक विंडो बनाया जाएगा। इसकी मदद से संस्थान किसी की भी डिग्री का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें पासवर्ड लेना होगा। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि मंत्रालय से गाइड लाइन मिल चुकी है। आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एचएस उपाध्याय का कहना है कि ऑनलाइन डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन की सुविधा देने पर सहमति बन चुकी है। इससे फर्जीवाड़ा की शिकायतें काफी हद तक कम हो जाएंगी।
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