Ram Mandir : प्रयागराज में गृह संपर्क के लिए बनाई गईं एक लाख टोलियां, पांच दिन में घर-घर अक्षत पहुंचाने का लक्
काशी प्रांत में चार करोड़ से अधिक घरों में अक्षत वितरण के लिए विचार परिवार के कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर जुट गए हैं। विचार परिवार के एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को 10 जनवरी तक अधिकतम लोगों तक पूजित अक्षत के रूप में निमंत्रण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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भीड़ बढ़ने की आशंका से अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में आम लोगों के जाने पर भले ही रोक है, लेकिन निमंत्रण सबको दिया जा रहा है। काशी प्रांत में चार करोड़ घरों में पूजित अक्षत, राममंदिर का चित्र देकर हर हिंदू को प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए अकेले प्रयागराज में आरएसएस के विचार परिवार की एक लाख टोलियां लगाई गई हैं।
प्रांत में चार करोड़ से अधिक घरों में अक्षत वितरण के लिए विचार परिवार के कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर जुट गए हैं। विचार परिवार के एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को 10 जनवरी तक अधिकतम लोगों तक पूजित अक्षत के रूप में निमंत्रण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।शेष पांच दिनों में यानी 15 जनवरी तक हर घर तक अक्षत पहुंचाया जाएगा। प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का हर हिंदू साक्षी बन सके, इसके लिए गांव-गांव तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संगम की रेती पर विहिप के माघ मेला शिविर में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव से संतों-श्रद्धालुओं को जोड़ने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।
प्रयागराज में ही लिए गए थे मंदिर से जुड़े अहम निर्णय
विहिप के संगठन मंत्री नितिन कहते हैं कि रामजन्मभूमि से जुड़े हुए अब तक से सभी बड़े निर्णय प्रयागराज की संगम की रेती पर ही लिए गए हैं। इस बार के संत सम्मेलन में भी रामनगरी से संगमनगरी की संघर्ष यात्राओं का बखान होगा। प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दिन काशी प्रांत के 10000 से अधिक मंदिरों को भव्य रूप में सजाया जाएगा। अक्षत वितरण का भी अभियान भी गांव-गांव में प्रमुख मंदिरों के माध्यम से ही हो रहा है। सभी जाति, मत, पंथ, संप्रदाय के धर्माचार्यों से विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी संपर्क कर रहे हैं।
प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दिन सजेगा विहिप का मेला शिविर, मनेगी दीपावली
22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दिन माघ मेला शिविर को भव्यता से सजाने की तैयारी है। मकर संक्रांति पर माघ मेला शिविर से महोत्सव का आगाज हो जाएगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को 22 जनवरी के बाद अयोध्या आने का निमंत्रण अक्षत के रूप में प्रदान किया जाएगा। फिलहाल काशी प्रांत के संतों के यहां अक्षत के रूप में विश्व हिंदू परिषद और संघ के कार्यकर्ता, पदाधिकारी निमंत्रण पहुंचा रहे हैं।